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व्हाट्स एप पर उड़ाई सिस्टम की धज्जियां
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Thu, 20 Apr 2017 01:42 AM IST
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बागपत यमुना इंटर कालेज पहुंचा सचल दस्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नकल माफिया ने यूपी बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा में शिक्षा विभाग, प्रशासन और पुलिस के सख्ती की व्हाट्स एप पर धज्जियां उड़ा दीं। शिकायतें बागपत से लेकर इलाहाबाद और लखनऊ तक हुई, लेकिन बेपरवाह सिस्टम आंखें बंद किए रहा। परीक्षा केंद्र सील कर दिए, लेकिन प्रश्नपत्र की मूल कॉपी व्हाट्स एप पर घूम-घूमकर गांव से शहर तक मुंह चिढ़ाती रही।
मंगलवार को ही अंग्रेजी द्वितीय की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था। सिस्टम की नींद खुली बुधवार सुबह को। व्यवस्था दुरुस्त दिखाने के लिए डीआईओएस ने स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए, डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने मामले की जांच के लिए अपनी ओर से कमेटी गठित की। इलाहाबाद से मामले की जानकारी ली ।
कमिश्नर तक शिकायत पहुंची। संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ ने डीआईओएस और बीएसए से जानकारी ली। एक तरफ पूरा सिस्टम कार्रवाई में जुटा था और दूसरी तरफ माफिया की ओर से लीक किया गया प्रश्नपत्र एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल में पहुंच रहा था। अभी तक हस्तलिखित कॉपी का बहाना बना रहे शिक्षा विभाग को जोर का झटका तब लगा, जब इस बार मूल कॉपी ही वायरल हुई। पूरे घटनाक्रम से जाहिर है नकल माफिया ने तमाम सख्ती के बीच सरेआम सिस्टम की धज्जियां उड़ाकर रख दी है।
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मिलान पहले भी, कार्रवाई अब क्यों ः बागपत। हस्तलिखित प्रश्नपत्र लीक का मिलान तो 13 अप्रैल को भी हो गया था, लेकिन तब डीआईओएस पीके मिश्रा ने केवल जिले के 61 सेंटरों की जांच विशेष टीम से कराई। लिफाफे बंद मिले। उनकी रिपोर्ट थी गोपनीयता भंग नहीं हुई। बुधवार को भी मिलान हुआ, इस बार प्रश्नपत्र निरस्तीकरण की संस्तुति की गई। सवाल है यदि अंग्रेजी के पहले पेपर में भी मिलान हो गया था तो निरस्तीकरण की संस्तुति पहले क्यों नहीं की गई।
फोटो स्टेट की दुकानों पर हुई बिक्री ःप्रश्नपत्र लीक का मामला भले ही बुधवार को पकड़ में आया हो, लेकिन इससे पहले भी पेपर की बिक्री हुई। बड़ौत पेपर लीक का केंद्र रहने की शिकायत की गई। पिलाना, किरठल और बागपत में पेपर वायरल हुआ। फोटो स्टेट कराकर बिक्री की गई।
सवाल बाकी, कहां से लीक हुआ पेपर ः जांच का विषय है कि पेपर लीक कहां से हुआ। परीक्षा से पहले ही पेपर कोड और विषय कोड की जानकारी शिक्षा विभाग को दी। इन कोड के पेपर दूसरे किन-किन जिलों में भेजे गए हैं। लीक बागपत से हुआ है या किसी दूसरे जिले से।
तोमर को केंद्र व्यवस्थापक पद से हटाया
बागपत। डीआईओएस पीके मिश्रा ने इसके बाद अगली परीक्षा में नंगला सिनौली के कॉलेज में छापा मारा। उनका कहना था कि समय से पहले प्रश्न पत्र खोला गया। वह देरी से केंद्र में पहुंची, इस कारण उन्हें केंद्र व्यवस्थापक पद से हटाकर कॉलेज के दूसरे प्रवक्ता को यह जिम्मेदारी दी गई थी।
हर केंद्र में छापा, हर केंद्र में पहुंची टीम
बागपत। पेपर लीक की भनक लगते ही शिक्षा विभाग की टीम ने हर केंद्र में छापा मारा। स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे। एसडीएम बड़ौत दीपाली कौशिक के अलावा अन्य अधिकारी भी परीक्षा केंद्रों में पहुंचे। संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ के उड़न दस्ते ने चेकिंग अभियान चलाया। नकल सामग्री कहीं नहीं मिली, लेकिन सब जगह पेपर लीक ही चर्चा का विषय बना रहा।
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मंगलवार को ही अंग्रेजी द्वितीय की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था। सिस्टम की नींद खुली बुधवार सुबह को। व्यवस्था दुरुस्त दिखाने के लिए डीआईओएस ने स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए, डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने मामले की जांच के लिए अपनी ओर से कमेटी गठित की। इलाहाबाद से मामले की जानकारी ली ।
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कमिश्नर तक शिकायत पहुंची। संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ ने डीआईओएस और बीएसए से जानकारी ली। एक तरफ पूरा सिस्टम कार्रवाई में जुटा था और दूसरी तरफ माफिया की ओर से लीक किया गया प्रश्नपत्र एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल में पहुंच रहा था। अभी तक हस्तलिखित कॉपी का बहाना बना रहे शिक्षा विभाग को जोर का झटका तब लगा, जब इस बार मूल कॉपी ही वायरल हुई। पूरे घटनाक्रम से जाहिर है नकल माफिया ने तमाम सख्ती के बीच सरेआम सिस्टम की धज्जियां उड़ाकर रख दी है।
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मिलान पहले भी, कार्रवाई अब क्यों ः बागपत। हस्तलिखित प्रश्नपत्र लीक का मिलान तो 13 अप्रैल को भी हो गया था, लेकिन तब डीआईओएस पीके मिश्रा ने केवल जिले के 61 सेंटरों की जांच विशेष टीम से कराई। लिफाफे बंद मिले। उनकी रिपोर्ट थी गोपनीयता भंग नहीं हुई। बुधवार को भी मिलान हुआ, इस बार प्रश्नपत्र निरस्तीकरण की संस्तुति की गई। सवाल है यदि अंग्रेजी के पहले पेपर में भी मिलान हो गया था तो निरस्तीकरण की संस्तुति पहले क्यों नहीं की गई।
फोटो स्टेट की दुकानों पर हुई बिक्री ःप्रश्नपत्र लीक का मामला भले ही बुधवार को पकड़ में आया हो, लेकिन इससे पहले भी पेपर की बिक्री हुई। बड़ौत पेपर लीक का केंद्र रहने की शिकायत की गई। पिलाना, किरठल और बागपत में पेपर वायरल हुआ। फोटो स्टेट कराकर बिक्री की गई।
सवाल बाकी, कहां से लीक हुआ पेपर ः जांच का विषय है कि पेपर लीक कहां से हुआ। परीक्षा से पहले ही पेपर कोड और विषय कोड की जानकारी शिक्षा विभाग को दी। इन कोड के पेपर दूसरे किन-किन जिलों में भेजे गए हैं। लीक बागपत से हुआ है या किसी दूसरे जिले से।
तोमर को केंद्र व्यवस्थापक पद से हटाया
बागपत। डीआईओएस पीके मिश्रा ने इसके बाद अगली परीक्षा में नंगला सिनौली के कॉलेज में छापा मारा। उनका कहना था कि समय से पहले प्रश्न पत्र खोला गया। वह देरी से केंद्र में पहुंची, इस कारण उन्हें केंद्र व्यवस्थापक पद से हटाकर कॉलेज के दूसरे प्रवक्ता को यह जिम्मेदारी दी गई थी।
हर केंद्र में छापा, हर केंद्र में पहुंची टीम
बागपत। पेपर लीक की भनक लगते ही शिक्षा विभाग की टीम ने हर केंद्र में छापा मारा। स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे। एसडीएम बड़ौत दीपाली कौशिक के अलावा अन्य अधिकारी भी परीक्षा केंद्रों में पहुंचे। संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ के उड़न दस्ते ने चेकिंग अभियान चलाया। नकल सामग्री कहीं नहीं मिली, लेकिन सब जगह पेपर लीक ही चर्चा का विषय बना रहा।