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हमारी बेटी ने किसी का क्या बिगाड़ा था
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 01 Feb 2016 01:20 AM IST
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दिल्ली के अस्पताल में महिला की मौत से कोहराम मच गया। मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उसकी मां ने कहा कि आखिर हमारी बेटी ने किसी का क्या बिगाड़ा था। परिवार के सदस्यों का विलाप देख आसपास मौजूद लोगों के आंखों में आंसू छलक आए।
फैजपुर-निनाना निवासी महिला महेंद्री ने बताया कि उसकी बेटी की शादी में सामर्थ्य से अधिक दान दहेज दिया था। इसके बावजूद तुगाना निवासी बेटी के ससुराल के खुश नहीं थे। अक्सर वे बेटी को शादी के बाद से परेशान करने लगे थे। उसने तो ससुराल जाने से इंकार कर दिया था।
लोकलाज की डर से हम लोगों ने उसे भेजा था। उसकी मां ने रोते हुए कहा कि हमारी बेटी ने किसी का क्या बिगाड़ा था। उसकी मौत से परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। कोमल की बच्ची का अब क्या होगा। उसकी परवरिश कैसे होगी। उससे मां का आंचल ही छीन गया।
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दहेज की वेदी में बेमौत मर रही बेटियां ः बागपत। दहेज के लिए बेटियों की आए दिन हत्या का मामला सामने आता है। फैजपुर निनाना गांव में कोमल के साथ हुई घटना पहली नहीं है। दो दिन पूर्व बाघूृ गांव में बुढ़ाना की बेटी शायबा को ससुरालियों ने जिंदा जला दिया था। उसकी शनिवार दोपहर मौत हो गई थी।
एक सप्ताह पूर्व हलालपुर गांव में खूंटे से बांधकर विवाहिता को जिंदा जला दिया गया था। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन इन घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। लोगों ने पुलिस प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई है। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते पुलिस प्रशासन कार्रवाई करे तो लोगों को इंसाफ मिल जाए।
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फैजपुर-निनाना निवासी महिला महेंद्री ने बताया कि उसकी बेटी की शादी में सामर्थ्य से अधिक दान दहेज दिया था। इसके बावजूद तुगाना निवासी बेटी के ससुराल के खुश नहीं थे। अक्सर वे बेटी को शादी के बाद से परेशान करने लगे थे। उसने तो ससुराल जाने से इंकार कर दिया था।
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लोकलाज की डर से हम लोगों ने उसे भेजा था। उसकी मां ने रोते हुए कहा कि हमारी बेटी ने किसी का क्या बिगाड़ा था। उसकी मौत से परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। कोमल की बच्ची का अब क्या होगा। उसकी परवरिश कैसे होगी। उससे मां का आंचल ही छीन गया।
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दहेज की वेदी में बेमौत मर रही बेटियां ः बागपत। दहेज के लिए बेटियों की आए दिन हत्या का मामला सामने आता है। फैजपुर निनाना गांव में कोमल के साथ हुई घटना पहली नहीं है। दो दिन पूर्व बाघूृ गांव में बुढ़ाना की बेटी शायबा को ससुरालियों ने जिंदा जला दिया था। उसकी शनिवार दोपहर मौत हो गई थी।
एक सप्ताह पूर्व हलालपुर गांव में खूंटे से बांधकर विवाहिता को जिंदा जला दिया गया था। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन इन घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। लोगों ने पुलिस प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई है। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते पुलिस प्रशासन कार्रवाई करे तो लोगों को इंसाफ मिल जाए।