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वोट न देने पर हमला करने वालों पर केस दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 15 Feb 2017 12:18 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बागपत। संतोषपुर गांव में मनचाहे प्रत्याशी को वोट न देने पर परिवार पर हमला करने के मामले में चार नामजद करते हुए कई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना से दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पीड़ितों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई है।
संतोषपुर गांव के जग रोशन पर पड़ोसियों ने अपने मनचाहे प्रत्याशी को वोट देने का दबाव बनाया था। वोट न देने पर उनकी पत्नी से सोमवार सुबह पहले अभद्रता की। बाद में उनके पूरे परिवार पर हमला किया। दिव्यांग बच्चों को भी पीटा। इससे पांच सदस्य घायल हो गए। आरोपी उनके साले के लड़के कन्हैया का अपहरण करके ले गए थे। पीड़ितों की शिकायत पर आरोपी तीन भाई मोहित, गौरव, रोहित और उनके पिता सोपाल और कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। घटना से दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। कोतवाली पुलिस ने कहा आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुकंदपुर गांव मामले में एसपी दफ्तर गंभीर
छपरौली। क्षेत्र में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक होने से भले ही प्रशासन ने राहत की सांस ली हो, लेकिन मुकुंदपुर गांव में मनचाहे उम्मीदवार को वोट नहीं देने पर सर्राफ के मकान पर कालिख पोतने और दीवार पर जान से मारने की धमकी लिखने और पथराव करने से पुलिस की खूब किरकिरी हो रही है। प्रदेश में भी गांव का मामला तूल पकड़ रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेकर एसपी कार्यालय ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मी तैनात किए हैं। सूत्रों के अनुसार गांव के मामले मेंअफसरों पर गाज गिर सकती है।
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विधानसभा चुनाव के मतदान बाद शनिवार की रात्रि में ही मुकुंदपुर गांव के एक मात्र सर्राफ परिवार की तरफ से लविश पुत्र पर्णपाल ने थाने में तहरीर दी की कि उसके घर की दीवार पर शरारती तत्वों ने वोट नहीं देने पर जान से मारने की धमकी लिख दी और उनके घर पर पथराव भी किया। इससे उनकी जान को खतरा है। तहरीर में कहा इस प्रकार असुरक्षा की स्थिति में वह गांव में रहने में सक्षम नहीं है, उसे मजबूरन पलायन करने को भी विवश होना पड़ सकता है।
मामले पर संज्ञान लेकर एसपी कार्यालय ने छपरौली थाने क पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया। पुलिस ने गांव में सुरक्षा कर्मी तैनात किए। दो दिन पहले गांव में एसडीएम दीपाली
कौशिक, सीओ कर्मवीर सिंह और इंस्पेक्टर छपरौली दिनेश वशिष्ठ ने ग्रामीणों के साथ बैठक की और सुरक्षा का भरोसा दिलाया था। मंगलवार को शाम केसमय पीड़ित परिवार के युवक ने ग्राम प्रधान के पति धर्मेंद्र खोखर के साथ थाने में जाकर पुलिस को आश्वस्त किया कि उन्हें पुलिस सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। दूसरी तरफ ग्रामीणों ने कहा पूरा गांव पीड़ित परिवार के साथ है, उन्हें कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
इंस्पेक्टर दिनेश वशिष्ठ ने बताया गांव में पूर्णतया शांति है और कोई तनाव नहीं है। जिन शरारती तत्वों ने गांव का माहौल खराब करने का प्रयास किया है उन्हें चिंहित किया जा रहा है, शीघ्र ही वे सलाखों के पीछे होंगे। ग्रामीणों ने भी शरारती तत्वों को पकड़वाने में सहयोग करने का भरोसा दिया है। कोतवाल ने कहा सुरक्षा व्यवस्था से कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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संतोषपुर गांव के जग रोशन पर पड़ोसियों ने अपने मनचाहे प्रत्याशी को वोट देने का दबाव बनाया था। वोट न देने पर उनकी पत्नी से सोमवार सुबह पहले अभद्रता की। बाद में उनके पूरे परिवार पर हमला किया। दिव्यांग बच्चों को भी पीटा। इससे पांच सदस्य घायल हो गए। आरोपी उनके साले के लड़के कन्हैया का अपहरण करके ले गए थे। पीड़ितों की शिकायत पर आरोपी तीन भाई मोहित, गौरव, रोहित और उनके पिता सोपाल और कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। घटना से दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। कोतवाली पुलिस ने कहा आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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मुकंदपुर गांव मामले में एसपी दफ्तर गंभीर
छपरौली। क्षेत्र में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक होने से भले ही प्रशासन ने राहत की सांस ली हो, लेकिन मुकुंदपुर गांव में मनचाहे उम्मीदवार को वोट नहीं देने पर सर्राफ के मकान पर कालिख पोतने और दीवार पर जान से मारने की धमकी लिखने और पथराव करने से पुलिस की खूब किरकिरी हो रही है। प्रदेश में भी गांव का मामला तूल पकड़ रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेकर एसपी कार्यालय ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मी तैनात किए हैं। सूत्रों के अनुसार गांव के मामले मेंअफसरों पर गाज गिर सकती है।
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विधानसभा चुनाव के मतदान बाद शनिवार की रात्रि में ही मुकुंदपुर गांव के एक मात्र सर्राफ परिवार की तरफ से लविश पुत्र पर्णपाल ने थाने में तहरीर दी की कि उसके घर की दीवार पर शरारती तत्वों ने वोट नहीं देने पर जान से मारने की धमकी लिख दी और उनके घर पर पथराव भी किया। इससे उनकी जान को खतरा है। तहरीर में कहा इस प्रकार असुरक्षा की स्थिति में वह गांव में रहने में सक्षम नहीं है, उसे मजबूरन पलायन करने को भी विवश होना पड़ सकता है।
मामले पर संज्ञान लेकर एसपी कार्यालय ने छपरौली थाने क पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया। पुलिस ने गांव में सुरक्षा कर्मी तैनात किए। दो दिन पहले गांव में एसडीएम दीपाली
कौशिक, सीओ कर्मवीर सिंह और इंस्पेक्टर छपरौली दिनेश वशिष्ठ ने ग्रामीणों के साथ बैठक की और सुरक्षा का भरोसा दिलाया था। मंगलवार को शाम केसमय पीड़ित परिवार के युवक ने ग्राम प्रधान के पति धर्मेंद्र खोखर के साथ थाने में जाकर पुलिस को आश्वस्त किया कि उन्हें पुलिस सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। दूसरी तरफ ग्रामीणों ने कहा पूरा गांव पीड़ित परिवार के साथ है, उन्हें कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
इंस्पेक्टर दिनेश वशिष्ठ ने बताया गांव में पूर्णतया शांति है और कोई तनाव नहीं है। जिन शरारती तत्वों ने गांव का माहौल खराब करने का प्रयास किया है उन्हें चिंहित किया जा रहा है, शीघ्र ही वे सलाखों के पीछे होंगे। ग्रामीणों ने भी शरारती तत्वों को पकड़वाने में सहयोग करने का भरोसा दिया है। कोतवाल ने कहा सुरक्षा व्यवस्था से कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।