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फर्जी बना था प्रमाण पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 15 Jun 2016 01:06 AM IST
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छपरौली ब्लॉक प्रमुख निशा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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छपरौली ब्लाक प्रमुख निशा का जाति प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बनाया गया है। इसका खुलासा बागपत तहसीलदार की जांच रिपोर्ट से हुआ है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक राजस्व निरीक्षक पिलाना सत्यापन आख्या गलत देने के दोषी पाए गए है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बागपत और बड़ौत एसडीएम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
छपरौली ब्लाक प्रमुख निशा के विजय होने के बाद रमाला गांव के सुरेशपाल ने उनकी जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति जता दी थी। उनका आरोप था कि ब्लाक प्रमुख का पद पाने के लिए निशा ने फर्जी तरीके से पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र प्राप्त किया है। निशा देहरादून की रहने वाली है, जबकि उन्होंने खुद को रोशनगढ़ गांव के सत्यवीर सिंह की बेटी दर्शाया है।
उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से की थी।रोशनगढ़ गांव के प्रधान हाजी नाजिम ने लिखित में दे दिया था कि उनके गांव के मास्टर सतपाल की निशा नाम की कोई लड़की नहीं है। जाति प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से जारी हुआ है। मामले की जांच बागपत तहसील को सौंपी गई थी।
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तहसीलदार ने जांच करने के बाद रिपोर्ट डीएम को भी भेज दी है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक, सतवीर ने निशा को गोद लेना दर्शाया है, जो नियम विरुद्ध है। उनके द्वारा जो गोदनामा प्रस्तुत किया गया है, वह कूटरचित है। राजस्व निरीक्षक पिलाना ने बिना स्थलीय जांच किए निशा को सतवीर की पुत्री दर्शाया है।
इसके लिए राजस्व निरीक्षक पिलाना बिना स्थलीय जांच के गलत तथ्यों के आधार पर जांच कर जांच आख्या प्रस्तुत करने के लिए दोषी है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ने बागपत और बड़ौत एसडीएम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। दूसरी तरफ ब्लाक प्रमुख निशा देवी के पति संजीव चौधरी का कहना है कि उनके सभी दस्तावेज ठीक हैं। विपक्षी बार-बार उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
अधिकारी कहिन
बागपत एसडीएम राकेश कुमार का कहना है कि तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के अनुसार राजस्व निरीक्षक पिलाना ने सत्यापन गलत किया है। फिलहाल उनकी तैनाती बड़ौत में है। बड़ौत एसडीएम ही मामले की जांच कर रहे है। बड़ौत एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव का कहना है कि इस मामले की जांच जिला स्तरीय कमेटी से कराने के लिए लिखा गया है। कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही पूरी कार्रवाई होगी।
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छपरौली ब्लाक प्रमुख निशा के विजय होने के बाद रमाला गांव के सुरेशपाल ने उनकी जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति जता दी थी। उनका आरोप था कि ब्लाक प्रमुख का पद पाने के लिए निशा ने फर्जी तरीके से पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र प्राप्त किया है। निशा देहरादून की रहने वाली है, जबकि उन्होंने खुद को रोशनगढ़ गांव के सत्यवीर सिंह की बेटी दर्शाया है।
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उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से की थी।रोशनगढ़ गांव के प्रधान हाजी नाजिम ने लिखित में दे दिया था कि उनके गांव के मास्टर सतपाल की निशा नाम की कोई लड़की नहीं है। जाति प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से जारी हुआ है। मामले की जांच बागपत तहसील को सौंपी गई थी।
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तहसीलदार ने जांच करने के बाद रिपोर्ट डीएम को भी भेज दी है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक, सतवीर ने निशा को गोद लेना दर्शाया है, जो नियम विरुद्ध है। उनके द्वारा जो गोदनामा प्रस्तुत किया गया है, वह कूटरचित है। राजस्व निरीक्षक पिलाना ने बिना स्थलीय जांच किए निशा को सतवीर की पुत्री दर्शाया है।
इसके लिए राजस्व निरीक्षक पिलाना बिना स्थलीय जांच के गलत तथ्यों के आधार पर जांच कर जांच आख्या प्रस्तुत करने के लिए दोषी है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ने बागपत और बड़ौत एसडीएम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। दूसरी तरफ ब्लाक प्रमुख निशा देवी के पति संजीव चौधरी का कहना है कि उनके सभी दस्तावेज ठीक हैं। विपक्षी बार-बार उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
अधिकारी कहिन
बागपत एसडीएम राकेश कुमार का कहना है कि तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के अनुसार राजस्व निरीक्षक पिलाना ने सत्यापन गलत किया है। फिलहाल उनकी तैनाती बड़ौत में है। बड़ौत एसडीएम ही मामले की जांच कर रहे है। बड़ौत एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव का कहना है कि इस मामले की जांच जिला स्तरीय कमेटी से कराने के लिए लिखा गया है। कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही पूरी कार्रवाई होगी।