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छपरौली ब्लाक प्रमुख के पति सहित चार के गैर जमानती वारंट जारी
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
Updated Mon, 05 Jun 2017 01:26 AM IST
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बागपत। छपरौली ब्लाक प्रमुख के पति सहित चार लोगों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हो गए हैं। इन पर पिछड़ी जाति का धोखाधड़ी से प्रमाण पत्र बनवाने का संगीन आरोप लगा है। पुलिस ने उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। आरोपी ब्लाक प्रमुख निशा देवी और तत्कालीन कानूनगो फतेह सिंह के संबंध में केस की विवेचना विचाराधीन है।
लूंब गांव के चौधरी संजीव सिंह की पत्नी निशा देवी ने फरवरी 2016 में छपरौली ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। प्रतिद्वंदी प्रत्याशी अंशु के पति ब्रजपाल ने उनकी जीत पर आपत्ति कर दी थी। उनका आरोप था कि निशा देवी ने धोखाधड़ी से कुर्सी पाई है। निशा देहरादून निवासी अवतार सिंह की बेटी है और सामान्य जाति से है। उसने खुद को बालैनी क्षेत्र के गांव रोशनगढ़ निवासी मास्टर सत्यवीर सिंह की बेटी दर्शाकर पिछड़ी जाति का ्रमाण पत्र प्राप्त किया है।
कोर्ट के आदेश पर बड़ौत कोतवाली में 15 मार्च 2016 को आरोपी ब्लाक प्रमुख निशा देवी, उनके पति संजीव, मास्टर सत्यवीर सिंह, लूंब गांव के बीडीसी ऋषिपाल और शियानंद और तत्कालीन कानूनगो फतेह सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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फिलहाल केस की विवेचना क्राइम ब्रांच कर रही है। आरोपी पक्ष हाईकोर्ट पहुंच गया था। हाईकोर्ट ने आरोप पत्र कोर्ट में पहुंचने तक उनकी गिरफ्तारी पर स्टे लगा दिया था। पुलिस ने चार आरोपी संजीव, सत्यवीर, ऋषिपाल और शियानंद के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसके सिंह ने बताया चारों आरोपियों के कोर्ट ने गैर जमानती वारंट कर दिए हैं। अभियुक्तों को 26 जून को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए है।
पुलिस की मिलीभगत से हो रही कार्रवाई : संजीव
ब्लाक प्रमुख निशा देवी के पति संजीव कुमार ने कहा सभी कार्य नियम के अनुसार किए गए हैं। कुछ लोग अफसरों को भ्रमित कर रहे हैं। पुलिस की मिलीभगत से कार्रवाई हो रही है। मेरठ कमिश्नर के आदेश का भी पालन नहीं किया है। कोर्ट के आदेश का पूरा पालन किया जाएगा।
प्रकरण की जांच कराने को सीएम को भेजा पत
बागपत। ब्रजपाल चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को भेजे पत्र में बताया इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद भी अफसर लीपा पोती कर रहे है। आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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लूंब गांव के चौधरी संजीव सिंह की पत्नी निशा देवी ने फरवरी 2016 में छपरौली ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। प्रतिद्वंदी प्रत्याशी अंशु के पति ब्रजपाल ने उनकी जीत पर आपत्ति कर दी थी। उनका आरोप था कि निशा देवी ने धोखाधड़ी से कुर्सी पाई है। निशा देहरादून निवासी अवतार सिंह की बेटी है और सामान्य जाति से है। उसने खुद को बालैनी क्षेत्र के गांव रोशनगढ़ निवासी मास्टर सत्यवीर सिंह की बेटी दर्शाकर पिछड़ी जाति का ्रमाण पत्र प्राप्त किया है।
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कोर्ट के आदेश पर बड़ौत कोतवाली में 15 मार्च 2016 को आरोपी ब्लाक प्रमुख निशा देवी, उनके पति संजीव, मास्टर सत्यवीर सिंह, लूंब गांव के बीडीसी ऋषिपाल और शियानंद और तत्कालीन कानूनगो फतेह सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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फिलहाल केस की विवेचना क्राइम ब्रांच कर रही है। आरोपी पक्ष हाईकोर्ट पहुंच गया था। हाईकोर्ट ने आरोप पत्र कोर्ट में पहुंचने तक उनकी गिरफ्तारी पर स्टे लगा दिया था। पुलिस ने चार आरोपी संजीव, सत्यवीर, ऋषिपाल और शियानंद के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसके सिंह ने बताया चारों आरोपियों के कोर्ट ने गैर जमानती वारंट कर दिए हैं। अभियुक्तों को 26 जून को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए है।
पुलिस की मिलीभगत से हो रही कार्रवाई : संजीव
ब्लाक प्रमुख निशा देवी के पति संजीव कुमार ने कहा सभी कार्य नियम के अनुसार किए गए हैं। कुछ लोग अफसरों को भ्रमित कर रहे हैं। पुलिस की मिलीभगत से कार्रवाई हो रही है। मेरठ कमिश्नर के आदेश का भी पालन नहीं किया है। कोर्ट के आदेश का पूरा पालन किया जाएगा।
प्रकरण की जांच कराने को सीएम को भेजा पत
बागपत। ब्रजपाल चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को भेजे पत्र में बताया इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद भी अफसर लीपा पोती कर रहे है। आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।