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पहले जोड़े हाथ, फिर मारी गोली
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 08 Jun 2016 01:03 AM IST
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लुहारी गांव में बेहोश आशीष की पत्नी नूपुर और मां पूनम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ओ भाई आशीष जो हुआ, उसे भूल जा। हम हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं। जीवन में कभी भी झगड़ा नहीं करेंगे... ले अब खा तू गोली। मोहल्लेवालों कान खोलकर सुन लो, किसी ने मुंह खोलने की जर्रत की तो अंजाम ऐसा ही होगा... जी हां, आरोपियों ने कुछ इसी अंदाज में दिया वारदात को अंजाम।
वारदात के चश्मदीद ने बताया आशीष व उसके चचेरे भाई विकास का गांव के ही युवक कुलदीप से सोमवार को बाइक टकराने को लेकर विवाद हो गया था। इन में मारपीट भी हो गई थी। उस समय गांव के लोगों ने बीच बचाव करा दिया था। बाद में उनमें समझौते का प्रयास भी चल गया था। आरोप है रात के समय आरोपी कुलदीप अपने पांच-छह साथियों के साथ आशीष के मकान के बाहर पहुंचा।
तभी आरोपी ने आवाज लगाकर आशीष को मकान के बाहर बुलाया। आरोपियों ने पहले आशीष से बाइक टकराने को लेकर हुए विवाद पर माफी मांगी। कुछ ही क्षण बाद आरोपी ने उसके सटाकर गोली मार दी। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया। इसी दौरान आरोपी आसपास के लोगों को धमकी देकर भाग गए।
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विकास नहीं, मुझे गोली लगी है पापा जी
लोगों के मुताबिक गोली चलने के बाद आशीष के पिता रिटायर फौजी राजेश ने अपने भतीजे को छाती से लगा लिया। तभी आशीष बोला, पापा जी विकास को नहीं गोली मुझे लगी है। वहां पर मौजूद लोग आशीष को उठाकर अस्पताल के लिए ले जाने लगे। तभी उसकी मौत हो गई।
चाह रहा था समझौता, मिल गई मौत
लोगों ने बताया आशीष झगड़े के मामले में समझौते के प्रयास में लगा था। इसके लिए वह आरोपियों से माफी मांगते हुए मिलजुल रहने की अपील कर रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने गाली-गलौच कर दी। आशीष ने इसका विरोध किया, तभी आरोपियों ने उसको गोली मारी गई।
आशीष और विकास की थी गहरी दोस्ती
लोगों की माने तो मृतक आशीष की गांव के ही विकास उर्फ घोलू से काफी गहरी दोस्ती थी। वे अधिकांश समय एक साथ ही रहते थे। इसलिए आरोपियों ने गोली भी दोनों को ही मारी है।
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वारदात के चश्मदीद ने बताया आशीष व उसके चचेरे भाई विकास का गांव के ही युवक कुलदीप से सोमवार को बाइक टकराने को लेकर विवाद हो गया था। इन में मारपीट भी हो गई थी। उस समय गांव के लोगों ने बीच बचाव करा दिया था। बाद में उनमें समझौते का प्रयास भी चल गया था। आरोप है रात के समय आरोपी कुलदीप अपने पांच-छह साथियों के साथ आशीष के मकान के बाहर पहुंचा।
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तभी आरोपी ने आवाज लगाकर आशीष को मकान के बाहर बुलाया। आरोपियों ने पहले आशीष से बाइक टकराने को लेकर हुए विवाद पर माफी मांगी। कुछ ही क्षण बाद आरोपी ने उसके सटाकर गोली मार दी। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया। इसी दौरान आरोपी आसपास के लोगों को धमकी देकर भाग गए।
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विकास नहीं, मुझे गोली लगी है पापा जी
लोगों के मुताबिक गोली चलने के बाद आशीष के पिता रिटायर फौजी राजेश ने अपने भतीजे को छाती से लगा लिया। तभी आशीष बोला, पापा जी विकास को नहीं गोली मुझे लगी है। वहां पर मौजूद लोग आशीष को उठाकर अस्पताल के लिए ले जाने लगे। तभी उसकी मौत हो गई।
चाह रहा था समझौता, मिल गई मौत
लोगों ने बताया आशीष झगड़े के मामले में समझौते के प्रयास में लगा था। इसके लिए वह आरोपियों से माफी मांगते हुए मिलजुल रहने की अपील कर रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने गाली-गलौच कर दी। आशीष ने इसका विरोध किया, तभी आरोपियों ने उसको गोली मारी गई।
आशीष और विकास की थी गहरी दोस्ती
लोगों की माने तो मृतक आशीष की गांव के ही विकास उर्फ घोलू से काफी गहरी दोस्ती थी। वे अधिकांश समय एक साथ ही रहते थे। इसलिए आरोपियों ने गोली भी दोनों को ही मारी है।