{"_id":"587bc4fe4f1c1b700defe3d7","slug":"firing-hectic-in-bdrkha-khader","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिन में ताबड़तोड़ फायरिंग से गूंज उठा बदरखा खादर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दिन में ताबड़तोड़ फायरिंग से गूंज उठा बदरखा खादर
ब्यूरो/अमर उजाला, छपरौली
Updated Mon, 16 Jan 2017 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र के बदरखा खादर में हरियाणा के किसानों ने रविवार को जमकर फायरिंग की। इसकी आवाज दूर दूर तक सुनी गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों से भी झड़प हुई। इसकी जानकारी पुलिस को दी। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के बदरखा खादर में हरियाणा के कुछ किसान कई दिन से फायरिंग कर रहे हैं, इससे क्षेत्र के लोगों में दहशत व्याप्त है। हरियाणा के राकसेड़ा के किसानों को इतना हौसला बढ़ गया है कि वे कभी भी खूनी खेल खेल सकते हैं। बदरखा के किसानों ने बताया हरियाणा प्रशासन तो अपने किसानों के साथ है, लेकिन बदरखा के किसानों को उच्च अधिकारियों से कोई भी आश्वासन नहीं मिलता, इस कारण हरियाणा के किसान हावी होते जा रहे हैं जो कभी भी भयंकर विवाद का कारण बन सकता है।
ग्रामीणों ने बताया वे हरियाणा के समालखा कोतवाली में राकसेड़ा के किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने गए थे, लेकिन उन्होंने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और बाद में आने को कह दिया। एसएसआई चितवन ने कहा फायरिंग की कोई घटना नहीं हुई है।
विज्ञापन
यह केवल जमीन विवाद है और यह मामला हरियाणा क्षेत्र का है और इस विवाद का हल भी हरियाणा प्रशासन की ओर से ही हो सकेगा। इस बारे में उन्होंने अधिकारिक रूप से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। छपरौली थाने में भी पिछले सप्ताह हरियाणा के किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है उच्च अधिकारियों की अनुमति लेकर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के बदरखा खादर में हरियाणा के कुछ किसान कई दिन से फायरिंग कर रहे हैं, इससे क्षेत्र के लोगों में दहशत व्याप्त है। हरियाणा के राकसेड़ा के किसानों को इतना हौसला बढ़ गया है कि वे कभी भी खूनी खेल खेल सकते हैं। बदरखा के किसानों ने बताया हरियाणा प्रशासन तो अपने किसानों के साथ है, लेकिन बदरखा के किसानों को उच्च अधिकारियों से कोई भी आश्वासन नहीं मिलता, इस कारण हरियाणा के किसान हावी होते जा रहे हैं जो कभी भी भयंकर विवाद का कारण बन सकता है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया वे हरियाणा के समालखा कोतवाली में राकसेड़ा के किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने गए थे, लेकिन उन्होंने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और बाद में आने को कह दिया। एसएसआई चितवन ने कहा फायरिंग की कोई घटना नहीं हुई है।
विज्ञापन
यह केवल जमीन विवाद है और यह मामला हरियाणा क्षेत्र का है और इस विवाद का हल भी हरियाणा प्रशासन की ओर से ही हो सकेगा। इस बारे में उन्होंने अधिकारिक रूप से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। छपरौली थाने में भी पिछले सप्ताह हरियाणा के किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है उच्च अधिकारियों की अनुमति लेकर कार्रवाई होगी।