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दोस्त ने ही ली थी अर्जुन की जान
अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 19 Aug 2016 11:50 PM IST
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एएसपी कार्यालय में जानकारी देता हत्यारोपी सचिन उर्फ मोंटू।
- फोटो : अमर उजाला
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बागपत (ब्यूरो)। लुहारी गांव के युवक अर्जुन की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ौत के सचिन उर्फ मोंटू को गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि अर्जुन की उसके ही दोस्त वरुण लुहारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की है। वरुण को शक था कि अर्जुन उसे अपहरण के केस में फंसवा देगा। इसीलिए अर्जुन को मार दिया गया।
एएसपी अजीजुल हक ने पत्रकार वार्ता में केस का खुलासा करते हुए बताया कि अर्जुन की हत्या के केस की विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि उसकी हत्या उसके करीबी दोस्त वरुण पुत्र बाबूराम निवासी नवयुग कालोनी बड़ौत (मूल निवासी लुहारी) ने अपने साथी जयंत उर्फ गोलू पुत्र रविंद्र निवासी लुहारी और बड़ौत के खिरनी मोहल्ला निवासी सचिन उर्फ मोंटू पुत्र राकेश के साथ मिलकर की है। पुलिस तभी से ही आरोपियों की तलाश में लगी हुई थी।
शुक्रवार सुबह आरोपी मोंटू को बड़ौत पुलिस ने रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने पर मोंटू ने बताया कि अर्जुन को जानकारी हो गई थी कि वरुण और गोलू ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर एक अपहरण किया था। जिसमें अपहृत के एक करीबी का हाथ था। अर्जुन ने वरुण और गोलू से कहां था कि यह काम तुमने अच्छा नहीं किया है। मैं इस बात को लोगों को बताऊंगा, इसी डर से 9 अगस्त को गोलू व वरुण, अर्जुन को अपनी ट्यूबवेल पर ले गए। उनके साथ वह स्वयं (सचिन उर्फ मोंटू) भी था। वरुण और गोलू ने अर्जुन की हत्या कर दी तथा 10 अगस्त की रात को शव को बोरे में डालकर बाइक पर लादकर खेत में डाल आए थे। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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अर्जुन बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा आैर वरुण, गोलू ईंट मारते रहे ः हत्यारोपी सचिन उर्फ मोंटू ने बताया कि वरुण ने फोन करके उसे अपने बड़ौत के मकान पर बुलाया। उसके बाद उसे लुहारी गोलू के खेत में ले गए। वहां वरुण ने फोन कर अर्जुन को बुलाया। पहले शराब पिलाई। फिर उसे ईंटों से पीटना शुरू कर दिया था। अर्जुन बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा। उसने मना किया तो उसे धमकी देकर ट्यूबवेल में बंद कर दिया था। शव खेत में फेंककर आने के बाद उसे आरोपियों ने ट्यूबवेल से निकाला था।
पांच माह पूर्व जेल से जमानत पर छूटा था सचिन ः सचिन उर्फ मोंटू ने बताया कि उसका बड़ौत में दूध का व्यापार है। बड़ौत के दिल्ली बस स्टैंड के पास पिछले साल हुई फायरिंग के मामले में वरुण लुहारी के साथ जेल गया था। वह पांच माह पूर्व ही जमानत पर जेल से छूटा था।
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एएसपी अजीजुल हक ने पत्रकार वार्ता में केस का खुलासा करते हुए बताया कि अर्जुन की हत्या के केस की विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि उसकी हत्या उसके करीबी दोस्त वरुण पुत्र बाबूराम निवासी नवयुग कालोनी बड़ौत (मूल निवासी लुहारी) ने अपने साथी जयंत उर्फ गोलू पुत्र रविंद्र निवासी लुहारी और बड़ौत के खिरनी मोहल्ला निवासी सचिन उर्फ मोंटू पुत्र राकेश के साथ मिलकर की है। पुलिस तभी से ही आरोपियों की तलाश में लगी हुई थी।
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शुक्रवार सुबह आरोपी मोंटू को बड़ौत पुलिस ने रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने पर मोंटू ने बताया कि अर्जुन को जानकारी हो गई थी कि वरुण और गोलू ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर एक अपहरण किया था। जिसमें अपहृत के एक करीबी का हाथ था। अर्जुन ने वरुण और गोलू से कहां था कि यह काम तुमने अच्छा नहीं किया है। मैं इस बात को लोगों को बताऊंगा, इसी डर से 9 अगस्त को गोलू व वरुण, अर्जुन को अपनी ट्यूबवेल पर ले गए। उनके साथ वह स्वयं (सचिन उर्फ मोंटू) भी था। वरुण और गोलू ने अर्जुन की हत्या कर दी तथा 10 अगस्त की रात को शव को बोरे में डालकर बाइक पर लादकर खेत में डाल आए थे। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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अर्जुन बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा आैर वरुण, गोलू ईंट मारते रहे ः हत्यारोपी सचिन उर्फ मोंटू ने बताया कि वरुण ने फोन करके उसे अपने बड़ौत के मकान पर बुलाया। उसके बाद उसे लुहारी गोलू के खेत में ले गए। वहां वरुण ने फोन कर अर्जुन को बुलाया। पहले शराब पिलाई। फिर उसे ईंटों से पीटना शुरू कर दिया था। अर्जुन बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा। उसने मना किया तो उसे धमकी देकर ट्यूबवेल में बंद कर दिया था। शव खेत में फेंककर आने के बाद उसे आरोपियों ने ट्यूबवेल से निकाला था।
पांच माह पूर्व जेल से जमानत पर छूटा था सचिन ः सचिन उर्फ मोंटू ने बताया कि उसका बड़ौत में दूध का व्यापार है। बड़ौत के दिल्ली बस स्टैंड के पास पिछले साल हुई फायरिंग के मामले में वरुण लुहारी के साथ जेल गया था। वह पांच माह पूर्व ही जमानत पर जेल से छूटा था।