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निर्माण कार्यों में 12 लाख का गोलमाल मिला
Updated Tue, 06 Mar 2018 12:05 AM IST
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निर्माण कार्यों में 12 लाख का गोलमाल मिला
बागपत। खंड विकास अधिकारी की जांच में मीतली गांव में शौचालयों समेत अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर करीब 12 लाख रुपये का गोलमाल मिला है। इस मामले में बीडीओ ने डीएम को पत्र लिखकर संस्तुति की है कि तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रणधौल से वसूली की जाए। डीपीआरओ को भी मानदेय से वसूली करने के लिए पत्र लिखा गया है।
गांव निवासी सहदेव ने मुख्यमंत्री से जुड़े पोर्टल पर आनलाइन शिकायत कर धांधली का आरोप लगाया था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। बीडीओ बागपत अमित कुमार को जांच के लिए भेजा। उन्होंने जांच पूरी कर डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि ग्राम पंचायत सचिव रणधौल सिंह ने 1198580 लाख रुपये का गबन किया है। उन्होंने वर्ष 2013 से 2015 तक धनराशि निकालने संबंधी सभी रिकॉर्ड दिए हैं। जांच में पाया गया कि केवल कैश बुक में धनराशि अंकित की गई है, जबकि पंचायत के अभिलेखों में स्टॉक बुक, कार्यपूर्ति एवं ईंट किस भट्ठे से क्रय की गई है, उसके कोई भी वाउचर्स नहीं है। इसके अलावा 19 शौचालय में भी गबन किया गया है। जिन व्यक्ति के नाम से शौचालय के लिए धनराशि निकाली गई है, उनका कोई भी अभिलेख ग्राम पंचायत में उपलब्ध नहीं है।
उधर, 21.80 लाख रुपये सोलर लाइट की शिकायत के संबंध में ग्राम पंचायत सचिव से अभिलेख मांगे गए हैं। उन्होंने बताया कि बड़ौत में तैनात सहायक विकास अधिकारी रणधौल सिंह पूर्व में मीतली गांव में ग्राम पंचायत सचिव थे। उन्हें कई बार पत्र भेजकर पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया है। इससे ही निष्कर्ष निकला है कि यह गबन जानबूझकर किया गया है। 11.98 लाख रुपये की वसूली की जानी चाहिए। वहीं डीपीआरओ से भी मार्च माह से नियमानुसार वसूली करने के लिए पत्र लिखा है।
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बागपत। खंड विकास अधिकारी की जांच में मीतली गांव में शौचालयों समेत अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर करीब 12 लाख रुपये का गोलमाल मिला है। इस मामले में बीडीओ ने डीएम को पत्र लिखकर संस्तुति की है कि तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रणधौल से वसूली की जाए। डीपीआरओ को भी मानदेय से वसूली करने के लिए पत्र लिखा गया है।
गांव निवासी सहदेव ने मुख्यमंत्री से जुड़े पोर्टल पर आनलाइन शिकायत कर धांधली का आरोप लगाया था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। बीडीओ बागपत अमित कुमार को जांच के लिए भेजा। उन्होंने जांच पूरी कर डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि ग्राम पंचायत सचिव रणधौल सिंह ने 1198580 लाख रुपये का गबन किया है। उन्होंने वर्ष 2013 से 2015 तक धनराशि निकालने संबंधी सभी रिकॉर्ड दिए हैं। जांच में पाया गया कि केवल कैश बुक में धनराशि अंकित की गई है, जबकि पंचायत के अभिलेखों में स्टॉक बुक, कार्यपूर्ति एवं ईंट किस भट्ठे से क्रय की गई है, उसके कोई भी वाउचर्स नहीं है। इसके अलावा 19 शौचालय में भी गबन किया गया है। जिन व्यक्ति के नाम से शौचालय के लिए धनराशि निकाली गई है, उनका कोई भी अभिलेख ग्राम पंचायत में उपलब्ध नहीं है।
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उधर, 21.80 लाख रुपये सोलर लाइट की शिकायत के संबंध में ग्राम पंचायत सचिव से अभिलेख मांगे गए हैं। उन्होंने बताया कि बड़ौत में तैनात सहायक विकास अधिकारी रणधौल सिंह पूर्व में मीतली गांव में ग्राम पंचायत सचिव थे। उन्हें कई बार पत्र भेजकर पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया है। इससे ही निष्कर्ष निकला है कि यह गबन जानबूझकर किया गया है। 11.98 लाख रुपये की वसूली की जानी चाहिए। वहीं डीपीआरओ से भी मार्च माह से नियमानुसार वसूली करने के लिए पत्र लिखा है।
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