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दस लाख रुपये लेकर बना दिया रेलवे में फर्जी टीसी
Updated Wed, 24 Jan 2018 01:37 AM IST
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बागपत। नौकरी के नाम पर ठगी का एक ओर मामला सामने आया है। दस लाख रुपये लेकर न केवल रेलवे में टीसी के पद का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया, बल्कि उससे ट्रेन में आरोपी टीसी ने यात्रियों से चेकिंग भी करा दी। पता चलने पर युवक ने रुपये की मांग की तो आरोपी और उसके साथियों ने जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने एसपी से शिकायत की।
गोपालपुर खड़ाना गांव निवासी मिंटू ने बताया कि उसके भाई अंकुश की रेलवे में टीसी (टिकट कलेक्टर) के पद पर तैनात एक कर्मचारी से करीब दो साल पहले मुलाकात हुई । जो शामली जनपद का है। उसने टीसी के पद पर अंकुश को नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके लिए अंकुश से दस लाख रुपये ले लिए। इसमें से 3.83 लाख रुपये की रकम बैंक एकाउंट में डलवाई। आरोपी ने अंकुश को फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया । उससे करीब दो माह तक ट्रेन में अपने साथ यात्रियों की चेकिंग भी कराई। उसको दो माह का वेतन भी दिया। बाद में पता चला उसकी रेलवे में नौकरी नहीं लगी है।
इस संबंध में आरोपी टीसी से बात की और उससे रुपये वापस लौटाने के लिए कहा, आरोपी ने उनको ढाई लाख रुपये का चेक दे दिया । जो बैंक में बाउंस हो गया। आरोपी तगादा करने के बाद भी रुपये नहीं लौटा रहा है। इस संबंध में कोर्ट में वाद दायर करा दिया। आरोपी उन पर समझौते का दबाव बना रहा है। तीन लोगों ने 21 जनवरी को घर पर आकर गाली-गलौज कर केस में समझौते का दबाव बनाया, ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी। पीड़ित ने परिजनों के साथ मिलकर मंगलवार को एसपी से शिकायत की। एसपी जयप्रकाश ने उनको मामले की जांच कर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
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उल्लेखनीय है कि बामनौली गांव के अधिवक्ता के भाई से 5.85 लाख रुपये लेकर आर्मी का फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया था। बाद में पता चला तो आरोपियों के खिलाफ दोघट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
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गोपालपुर खड़ाना गांव निवासी मिंटू ने बताया कि उसके भाई अंकुश की रेलवे में टीसी (टिकट कलेक्टर) के पद पर तैनात एक कर्मचारी से करीब दो साल पहले मुलाकात हुई । जो शामली जनपद का है। उसने टीसी के पद पर अंकुश को नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके लिए अंकुश से दस लाख रुपये ले लिए। इसमें से 3.83 लाख रुपये की रकम बैंक एकाउंट में डलवाई। आरोपी ने अंकुश को फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया । उससे करीब दो माह तक ट्रेन में अपने साथ यात्रियों की चेकिंग भी कराई। उसको दो माह का वेतन भी दिया। बाद में पता चला उसकी रेलवे में नौकरी नहीं लगी है।
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इस संबंध में आरोपी टीसी से बात की और उससे रुपये वापस लौटाने के लिए कहा, आरोपी ने उनको ढाई लाख रुपये का चेक दे दिया । जो बैंक में बाउंस हो गया। आरोपी तगादा करने के बाद भी रुपये नहीं लौटा रहा है। इस संबंध में कोर्ट में वाद दायर करा दिया। आरोपी उन पर समझौते का दबाव बना रहा है। तीन लोगों ने 21 जनवरी को घर पर आकर गाली-गलौज कर केस में समझौते का दबाव बनाया, ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी। पीड़ित ने परिजनों के साथ मिलकर मंगलवार को एसपी से शिकायत की। एसपी जयप्रकाश ने उनको मामले की जांच कर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
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उल्लेखनीय है कि बामनौली गांव के अधिवक्ता के भाई से 5.85 लाख रुपये लेकर आर्मी का फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया था। बाद में पता चला तो आरोपियों के खिलाफ दोघट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।