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जेल से मिले मोबाइलों से हुई दर्जनों कालें
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:19 AM IST
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जेल से मिले मोबाइलों से हुई दर्जनों कालें
बागपत। जिला कारागार में छापामारी के समय मिले दो मोबाइलों से अपराधियों की करतूत से पर्दा उठना शुरू हो गया है। अफसरों का दावा है कि दोनों मोबाइलों से अलग-अलग दर्जनों नंबरों पर कॉल की गई है। किससे क्या बातें हुई हैं? इसकी जांच रही है। उधर, इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की लापरवाही और मिलीभगत मिली है। जनपदीय अफसरों ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।
मेरठ कमिश्नर डॉक्टर प्रभात कुमार के निर्देश पर पांच दिसंबर को मेरठ एडीएम (प्रशासन) सत्यप्रकाश पटेल और एसपी बागपत जय प्रकाश ने जेल में छापामारी की थी। हाई सिक्योरिटी बैरक के पास खेत से एक स्मार्ट फोन और एक बाथरूम से मोबाइल मिला था। इसके अलावा तीन चाकू, दो सुएं और एक चरस का पैकेट मिला था। इसका पता चलते ही लखनऊ तक के अफसर टेंशन में आ गए है। जनपदीय अफसरों ने माना कि बंदी जेल में फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें जेल प्रशासन की मिलीभगत है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
उधर पुलिस ने सर्विलांस का सहारा लेकर जांच की। सूत्रों की माने तो बागपत ही नहीं दूसरे जनपद, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब तक कॉल की गई हैं। हालांकि एसपी जय प्रकाश का कहना है कि मोबाइलों से की जाने वाली कालों के बारे में अभी जांच जारी है।
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इस मामले में एडीएम लोकपाल सिंह का कहना है कि जेल प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण ही मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित सामान मिला है। इसके लिए जेल अधीक्षक और जेलर जिम्मेदार है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। सूत्रों की माने तो छापामारी के दौरान कई सजायाफ्ता बंदियों की चेकिंग नहीं हुई है। माना जा रहा है कि यदि उनकी तलाशी होती तो ओर भी प्रतिबंधित सामान मिल सकता था। एडीएम का कहना है कि जेल में चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।
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बागपत। जिला कारागार में छापामारी के समय मिले दो मोबाइलों से अपराधियों की करतूत से पर्दा उठना शुरू हो गया है। अफसरों का दावा है कि दोनों मोबाइलों से अलग-अलग दर्जनों नंबरों पर कॉल की गई है। किससे क्या बातें हुई हैं? इसकी जांच रही है। उधर, इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की लापरवाही और मिलीभगत मिली है। जनपदीय अफसरों ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।
मेरठ कमिश्नर डॉक्टर प्रभात कुमार के निर्देश पर पांच दिसंबर को मेरठ एडीएम (प्रशासन) सत्यप्रकाश पटेल और एसपी बागपत जय प्रकाश ने जेल में छापामारी की थी। हाई सिक्योरिटी बैरक के पास खेत से एक स्मार्ट फोन और एक बाथरूम से मोबाइल मिला था। इसके अलावा तीन चाकू, दो सुएं और एक चरस का पैकेट मिला था। इसका पता चलते ही लखनऊ तक के अफसर टेंशन में आ गए है। जनपदीय अफसरों ने माना कि बंदी जेल में फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें जेल प्रशासन की मिलीभगत है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
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उधर पुलिस ने सर्विलांस का सहारा लेकर जांच की। सूत्रों की माने तो बागपत ही नहीं दूसरे जनपद, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब तक कॉल की गई हैं। हालांकि एसपी जय प्रकाश का कहना है कि मोबाइलों से की जाने वाली कालों के बारे में अभी जांच जारी है।
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इस मामले में एडीएम लोकपाल सिंह का कहना है कि जेल प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण ही मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित सामान मिला है। इसके लिए जेल अधीक्षक और जेलर जिम्मेदार है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। सूत्रों की माने तो छापामारी के दौरान कई सजायाफ्ता बंदियों की चेकिंग नहीं हुई है। माना जा रहा है कि यदि उनकी तलाशी होती तो ओर भी प्रतिबंधित सामान मिल सकता था। एडीएम का कहना है कि जेल में चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।