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बड़ौत में गैस सिलेंडर फटा, 11 लोग झुलसे
Updated Sun, 12 Nov 2017 01:38 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
गुराना रोड गली नंबर छह में स्थित एक मकान में गैस सिलेंडर फट जाने से अफरा तफरी मच गई। इसमें एक महिला समेत 11 लोग झुलस गए हैं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। महिला को दिल्ली रेफर किया।
गुराना रोड गली नंबर छह में नदीम पुत्र वजीर का मकान है। वह राईस मिल मालिक है। उनके परिवार में शुक्रवार को शादी थी और मेहमान घर में भी थे। शनिवार को सुबह के समय नदीम की पत्नी हाजरा गैस के चूल्हे पर चाय बना रही थी, तभी गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली। जब महिला चिल्लाई तो परिवार के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया और उन्होंने आग पर काबू पाने के लिए पानी डाला। इससे सिलेंडर धमाके के साथ फट गया और मकान में भी जगह-जगह दरार आ गई। धमाके की आवाज और चीख पुकार सुनकर लोग उधर दौड़े और घायलों को निजी अस्पताल में भेजा। आग लगने से हाजरा पत्नी नदीम, इरशाद पुत्र शब्बीर, आरिफ पुत्र नौशाद, इमरान पुत्र इनाम, मोहम्मद साजिद पुत्र इकबाल, इरफान पुत्र हनीफ, महीनुद्दीन पुत्र गुलाब नबी, फरमान पुत्र हनीफ, इनामुद्दीन, नदीम, अयूब गुराना रोड बड़ौत झुलस गए। परिजनों ने सभी 11 झुलसे लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां के चिकित्सकों की सलाह पर महिला को दिल्ली रेफर किया । महिला 90 प्रतिशत झुलसी हुई बताई गई है। सूचना पर सीओ रमाला, कोतवाली प्रभारी हरे राम यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली। इस हादसे के बाद गली नंबर छह और उनके मकान पर लोगों की भारी भीड़ जमा थी और कोहराम मचा हुआ था।
दमकल कर्मी समय से नहीं पहुंचे
बड़ौत। मोहल्ले के लोगों ने बताया हादसे की सूचना दमकल विभाग को दी, लेकिन वह बहुत देरी से पहुंची। यदि समय से वे पहुंच जाते तो सिलेंडर फटने से बच सकता था, क्योंकि जो लोग सिलेंडर में लगी आग को बुझा रहे थे, उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि पानी डालने से सिलेंडर फट सकता है। यदि दमकल कर्मी सूचना पर तुरंत पहुंच जाते तो वे इस दुर्घटना को बचा सकते थे।
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एंबुलेंस देरी से पहुंची
बड़ौत। लोगों ने कहा हादसे के बाद झुलसे लोगों को अस्पताल में ले जाने के लिए एंबुलेंस के लिए काफी फोन किए , लेकिन एंबुलेंस घटना स्थल पर उस समय पहुंची, जब झुलसे लोगों को अपने स्तर पर ही लोग निजी अस्पताल ले जा चुके थे। इससे भी लोगों में आक्रोश है।
सिलेंडर फटने से लोगों में फैली दहशत
बड़ौत। जिस समय सिलेंडर धमाके साथ फटा तो दूर-दूर तक उसकी आवाज सुनाई दी और मोहल्ले के लोग दहशतजदा हो गए। उन्होंने पहले समझा कि कहीं बड़ा विस्फोट हुआ है, लेकिन जब धमाके के बाद लोग घरों से बाहर निकले तो पता चला कि सिलेंडर फटा है।
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गुराना रोड गली नंबर छह में स्थित एक मकान में गैस सिलेंडर फट जाने से अफरा तफरी मच गई। इसमें एक महिला समेत 11 लोग झुलस गए हैं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। महिला को दिल्ली रेफर किया।
गुराना रोड गली नंबर छह में नदीम पुत्र वजीर का मकान है। वह राईस मिल मालिक है। उनके परिवार में शुक्रवार को शादी थी और मेहमान घर में भी थे। शनिवार को सुबह के समय नदीम की पत्नी हाजरा गैस के चूल्हे पर चाय बना रही थी, तभी गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली। जब महिला चिल्लाई तो परिवार के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया और उन्होंने आग पर काबू पाने के लिए पानी डाला। इससे सिलेंडर धमाके के साथ फट गया और मकान में भी जगह-जगह दरार आ गई। धमाके की आवाज और चीख पुकार सुनकर लोग उधर दौड़े और घायलों को निजी अस्पताल में भेजा। आग लगने से हाजरा पत्नी नदीम, इरशाद पुत्र शब्बीर, आरिफ पुत्र नौशाद, इमरान पुत्र इनाम, मोहम्मद साजिद पुत्र इकबाल, इरफान पुत्र हनीफ, महीनुद्दीन पुत्र गुलाब नबी, फरमान पुत्र हनीफ, इनामुद्दीन, नदीम, अयूब गुराना रोड बड़ौत झुलस गए। परिजनों ने सभी 11 झुलसे लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां के चिकित्सकों की सलाह पर महिला को दिल्ली रेफर किया । महिला 90 प्रतिशत झुलसी हुई बताई गई है। सूचना पर सीओ रमाला, कोतवाली प्रभारी हरे राम यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली। इस हादसे के बाद गली नंबर छह और उनके मकान पर लोगों की भारी भीड़ जमा थी और कोहराम मचा हुआ था।
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दमकल कर्मी समय से नहीं पहुंचे
बड़ौत। मोहल्ले के लोगों ने बताया हादसे की सूचना दमकल विभाग को दी, लेकिन वह बहुत देरी से पहुंची। यदि समय से वे पहुंच जाते तो सिलेंडर फटने से बच सकता था, क्योंकि जो लोग सिलेंडर में लगी आग को बुझा रहे थे, उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि पानी डालने से सिलेंडर फट सकता है। यदि दमकल कर्मी सूचना पर तुरंत पहुंच जाते तो वे इस दुर्घटना को बचा सकते थे।
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एंबुलेंस देरी से पहुंची
बड़ौत। लोगों ने कहा हादसे के बाद झुलसे लोगों को अस्पताल में ले जाने के लिए एंबुलेंस के लिए काफी फोन किए , लेकिन एंबुलेंस घटना स्थल पर उस समय पहुंची, जब झुलसे लोगों को अपने स्तर पर ही लोग निजी अस्पताल ले जा चुके थे। इससे भी लोगों में आक्रोश है।
सिलेंडर फटने से लोगों में फैली दहशत
बड़ौत। जिस समय सिलेंडर धमाके साथ फटा तो दूर-दूर तक उसकी आवाज सुनाई दी और मोहल्ले के लोग दहशतजदा हो गए। उन्होंने पहले समझा कि कहीं बड़ा विस्फोट हुआ है, लेकिन जब धमाके के बाद लोग घरों से बाहर निकले तो पता चला कि सिलेंडर फटा है।