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गजेंद्र हत्याकांड के तीसरे आरोपी ने किया सरेंडर
Updated Wed, 26 Sep 2018 12:47 AM IST
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बागपत।
भगवानपुर नांगल गांव के बिट्टू उर्फ गजेंद्र हत्याकांड के तीसरे आरोपी ने भी पुलिस को चकमा देकर सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। वहीं दोघट थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी सुमित को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बेल्ट बरामद कराई। इस मामले में अब तीनों आरोपी जेल चले गए हैं।
भगवानपुर नांगल गांव निवासी बिट्टू उर्फ गजेंद्र की आठ सितंबर की रात तीन युवकों ने बेल्ट से गला घोंटकर व पेचकश से गोदकर हत्या कर दी। नौ सितंबर को उसका शव मंदिर के पास तालाब के किनारे पड़ा मिला। इस मामले में भूल्लर, सुमित व एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी भूल्लर को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। कुछ दिन हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुमित कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया । पुलिस की जांच में अभय उर्फ देवा पुत्र इंद्रपाल निवासी ताना थाना गढ़ी पुख्ता जनपद शामली का नाम प्रकाश में आया । पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। मंगलवार को अभय ने पुलिस को चकमा देकर सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
वहीं दोघट थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी सुमित को सात घंटे के पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की। एसओ चितवन कुमार ने पूछताछ के बाद बताया कि मृतक गजेंद्र के चचेरे भाई मोनू के सुमित के परिवार की युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। वह मोनू को मारना चाहते थे, लेकिन मृतक गजेंद्र उनके बीच में दीवार बना हुआ । इसके अलावा मृतक ने सुमित के पिता पवेंद्र की भी पिटाई की थी। इसलिए उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई और अपने साथियों के साथ मिलकर बेल्ट से गला घोंट कर व पेचकश से गोदकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बेल्ट बरामद की है। पुलिस ने रिमांड के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उसे जेल भेजा। इस मामले में अब तीनों आरोपी जेल चले गए हैं।
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भगवानपुर नांगल गांव के बिट्टू उर्फ गजेंद्र हत्याकांड के तीसरे आरोपी ने भी पुलिस को चकमा देकर सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। वहीं दोघट थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी सुमित को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बेल्ट बरामद कराई। इस मामले में अब तीनों आरोपी जेल चले गए हैं।
भगवानपुर नांगल गांव निवासी बिट्टू उर्फ गजेंद्र की आठ सितंबर की रात तीन युवकों ने बेल्ट से गला घोंटकर व पेचकश से गोदकर हत्या कर दी। नौ सितंबर को उसका शव मंदिर के पास तालाब के किनारे पड़ा मिला। इस मामले में भूल्लर, सुमित व एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी भूल्लर को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। कुछ दिन हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुमित कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया । पुलिस की जांच में अभय उर्फ देवा पुत्र इंद्रपाल निवासी ताना थाना गढ़ी पुख्ता जनपद शामली का नाम प्रकाश में आया । पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। मंगलवार को अभय ने पुलिस को चकमा देकर सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
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वहीं दोघट थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी सुमित को सात घंटे के पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की। एसओ चितवन कुमार ने पूछताछ के बाद बताया कि मृतक गजेंद्र के चचेरे भाई मोनू के सुमित के परिवार की युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। वह मोनू को मारना चाहते थे, लेकिन मृतक गजेंद्र उनके बीच में दीवार बना हुआ । इसके अलावा मृतक ने सुमित के पिता पवेंद्र की भी पिटाई की थी। इसलिए उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई और अपने साथियों के साथ मिलकर बेल्ट से गला घोंट कर व पेचकश से गोदकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बेल्ट बरामद की है। पुलिस ने रिमांड के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उसे जेल भेजा। इस मामले में अब तीनों आरोपी जेल चले गए हैं।
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