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फतेहगढ़ में राठी-हप्पू और बागपत में न भिड़ जाएं गुर्गे

Fri, 20 Jul 2018 01:08 AM IST
Updated Fri, 20 Jul 2018 01:08 AM IST
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फतेहगढ़ में राठी-हप्पू और बागपत में न भिड़ जाएं गुर्गे
बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सुनील राठी और अजीत उर्फ हप्पू गैंग के बीच वर्चस्व की लड़ाई छिड़ सकती है। फतेहगढ़ जेल में बंद सुनील राठी और हप्पू के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। बागपत जेल में दोनों के गुर्गे बंद हैं। इसके चलते सुरक्षा बढ़ा दी और पुलिस दोनों गैंग के शातिरों पर भी नजर रख रही है।
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एक लाख रुपये के इनामी रहे प्रमोद राठी की हत्या के बाद उसके भाई रवि राठी ने सुनील राठी गैंग से हाथ मिला लिए गए हैं। रवि राठी को अंदेशा है कि प्रमोद राठी की हत्या में हप्पू का हाथ है। यही वजह है कि गिरफ्तारी के बाद जब हप्पू बागपत जेल लाया गया तो यहां पर सुनील राठी के साथ उसकी ठन गई। दोनों के बीच झगड़े की आशंका के चलते हप्पू को बागपत से मेरठ जेल और फिर मेरठ से फतेहगढ़ जेल शिफ्ट कर दिया । वक्त ऐसा बदला कि मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सुनील राठी को भी फतेहगढ़ जेल ही शिफ्ट किया। बागपत के दोनों अपराधियों के फतेहगढ़ जेल में भिड़ने की आशंका है। पुलिस इस पर चौकसी बरत रही है। बागपत जेल में दोनों गैंग के गुर्गे भी बजरंगी की हत्या के बाद एक-दूसरे पर छींटाकशी कर रहे हैं। कई संदिग्ध बंदियों की बैरक बदलने का काम किया गया है। पुलिस दोनों जेलों के घटनाक्रम पर निगाह टिकाए हैं।
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हप्पू और बजरंगी गैंग पर नजर
बागपत। पुलिस को अंदेशा है कि अब फतेहगढ़ जेल में बजरंगी गैंग के सदस्य हप्पू के साथ हाथ मिला सकते हैं। वजह है कि हप्पू और राठी एक ही जिले के हैं और एक-दूसरे की गतिविधियों के विषय में करीब से जानते हैं। इस वजह से पुलिस की नजर पूरे मामले पर टिकी है।
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