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घरेलू हिंसा की शिकार महिला को जान का खतरा

Sun, 13 May 2018 12:52 AM IST
Updated Sun, 13 May 2018 12:52 AM IST
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घरेलू हिंसा की शिकार महिला को जान का खतरा
बागपत।
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बेटा पैदा न होने पर घरेलू हिंसा की शिकार महिला को जान का खतरा बना हुआ है। ससुराल वाले महिला को एक मारने की धमकी दे रहे है। पति के वारंट जारी होने के बाद भी उसे गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। घरेलू हिंसा के मुकदमे में शुक्रवार को कोर्ट में पैरवी पर आई महिला को पति ने गला दबाकर मारने की कोशिश की। शोर मचाने पर आरोपी धमकी देकर भाग निकला।

पाली गांव निवासी बबीता ने एसपी को बताया कि उसकी शादी 2007 में पाबला बेगमाबाद निवासी राजवीर के साथ हुई थी। शादी के बाद से ससुराल वाले दहेज की मांग करने लगे थे। उसके साथ मारपीट कर गाली गलौच भी करते थे। कई वर्ष पूर्व ससुराल वालों ने बेटा पैदा न होने पर बबीता को मारपीट कर घर से निकाल दिया था। महिला ने ससुराल वालों के खिलाफ घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया था। जो न्यायालय बागपत में विचाराधीन है। न्यायालय ने ससुराल पक्ष के लोगों को विचारण के लिए तलब किया था। चार लोग न्यायालय में पेश हो गए थे, लेकिन पति व ननद कोर्ट में पेश नहीं हुए। कोर्ट से उनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट और कुर्की के आदेश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोपी लगातार उस पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं और उसे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। पति ने उसके पीछे कई लोगों को लगा दिया है। वे कोर्ट तक उसका पीछा करते है। महिला भयभीत हैं। शुक्रवार को कोर्ट में मुकदमे की पैरवी पर जाते समय पति ने गला दबाकर उसकी हत्या की कोशिश की। शोर मचाने पर आरोपी धमकी देकर भाग निकला। उसने कोतवाली में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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