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जांच में अब तक 3.83 करोड़ का घोटाला पकड़ा
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बागपत।
विद्युत निगम में पकड़े गए करोड़ों के घोटाले की जांच जारी है। आरोपी लिपिक के रिकॉर्ड खंगालने पर अब तक 3.83 करोड़ रुपये का घोटाला पकड़ा जा चुका है। टीम गहराई से जांच में जुटी हुई है। जांच में और भी घोटाला खुलने की आशंका है।
विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार आर्य ने यमुना रोड स्थित विद्युत उपकेंद्र के तत्कालीन लिपिक सुरेश कुमार, विद्युत उपकेंद्र बागपत के मुख्य खजांची राजीव कुमार गौड़, विद्युत उपकेंद्र बागपत के तत्कालीन उपखंड अधिकारी विकल्प महेश, तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी ईशपाल, सहारनपुर जनपद के नुकुड़ में तैनात अधिशासी अभियंता राजबीर सिंह के खिलाफ 1.44 करोड़ रुपये गबन करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया । पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ के एमडी ने पांचों आरोपियों को निलंबित किया। चार सदस्य टीम गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
वहीं एसई बागपत रामबीर सिंह ने भी सात सदस्य टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए । पुलिस ने आरोपी लिपिक सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ से जांच के लिए गठित टीम आरोपी लिपिक की तैनाती से लेकर अब तक रिकॉर्ड खंगालने में जुटी हुई है। टीम को अब तक 3.83 करोड़ रुपये का घोटाला मिल चुका है। एक्सईएन राजीव कुमार आर्य ने बताया कि टीम गहराई से जांच करने में जुटी हुई है। आरोपी लिपिक का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। और भी घोटाला खुलने की संभावना है।
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विद्युत निगम में पकड़े गए करोड़ों के घोटाले की जांच जारी है। आरोपी लिपिक के रिकॉर्ड खंगालने पर अब तक 3.83 करोड़ रुपये का घोटाला पकड़ा जा चुका है। टीम गहराई से जांच में जुटी हुई है। जांच में और भी घोटाला खुलने की आशंका है।
विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार आर्य ने यमुना रोड स्थित विद्युत उपकेंद्र के तत्कालीन लिपिक सुरेश कुमार, विद्युत उपकेंद्र बागपत के मुख्य खजांची राजीव कुमार गौड़, विद्युत उपकेंद्र बागपत के तत्कालीन उपखंड अधिकारी विकल्प महेश, तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी ईशपाल, सहारनपुर जनपद के नुकुड़ में तैनात अधिशासी अभियंता राजबीर सिंह के खिलाफ 1.44 करोड़ रुपये गबन करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया । पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ के एमडी ने पांचों आरोपियों को निलंबित किया। चार सदस्य टीम गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
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वहीं एसई बागपत रामबीर सिंह ने भी सात सदस्य टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए । पुलिस ने आरोपी लिपिक सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ से जांच के लिए गठित टीम आरोपी लिपिक की तैनाती से लेकर अब तक रिकॉर्ड खंगालने में जुटी हुई है। टीम को अब तक 3.83 करोड़ रुपये का घोटाला मिल चुका है। एक्सईएन राजीव कुमार आर्य ने बताया कि टीम गहराई से जांच करने में जुटी हुई है। आरोपी लिपिक का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। और भी घोटाला खुलने की संभावना है।
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