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बामनौली में किसान को परिवार सहित धमकी
Updated Wed, 20 Dec 2017 01:17 AM IST
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दोघट (बागपत)। बामनौली गांव में अपनी जमीन पाने की लड़ाई लड़ रहे किसान के घर पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी भरा पत्र डालने से परिवार दहशत फैल गई है। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई।
बामनौली निवासी महेश पाल के मकान में सोमवार की रात में धमकी भरा पत्र फेंका। इसमें लिखा है कि तुम जो अपनी जमीन पाने के लिए चकबंदी विभाग के चक्कर काट रहे, हो चुप बैठ जाओ और अपना मामला वापस ले लो, वरना तुम्हें और परिवार को जान से मार दिया जाएगा। पीड़ित ने दोघट थाने में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। पीड़ित महेश पाल के अनुसार उसके पिता स्वर्गीय रामपाल को सन 1976 में नसबंदी कराने पर पांच बीघा जमीन मिली । इस पर कुछ दिन बाद ही कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया । इसके बाद तत्कालीन ग्राम प्रधान निरंजन सिंह ने उनकी माली हालात देखकर दोबारा तीन बीघा जमीन का पट्टा दे दिया। कुछ समय बाद इस पर भी कब्जा कर लिया । उन्होंने कहा उसकी जमीन मात्र डेढ़ बीघा ही दी। जबकि अपने पिता की मौत के बाद से वह कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। अपनी जमीन पाने के लिए आत्महत्या तक का प्रयास कर चुका है। जमीन न मिल पाने से नाराज किसान परिवार समेत इच्छा मृत्यु की मांग भी कर चुका है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया लखनऊ से सोमवार को चकबंदी अधिकारियों की टीम बामनौली जांच करने पहुंची, इसमे महेश पाल ने भी समस्या रखी । उन्होंने बताया सुबह सवेरे उसकी पत्नी को घर के आंगन में धमकी भरा पत्र पड़ा मिला। महेश पाल ने पुलिस से अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की । धमकी भरा पत्र मिलने से परिवार में दहशत फैल गई है। वहीं एसओ दोघट चितवन कुमार ने बताया मामले की जांच कर कार्रवाई कराई जाएगी।
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बामनौली निवासी महेश पाल के मकान में सोमवार की रात में धमकी भरा पत्र फेंका। इसमें लिखा है कि तुम जो अपनी जमीन पाने के लिए चकबंदी विभाग के चक्कर काट रहे, हो चुप बैठ जाओ और अपना मामला वापस ले लो, वरना तुम्हें और परिवार को जान से मार दिया जाएगा। पीड़ित ने दोघट थाने में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। पीड़ित महेश पाल के अनुसार उसके पिता स्वर्गीय रामपाल को सन 1976 में नसबंदी कराने पर पांच बीघा जमीन मिली । इस पर कुछ दिन बाद ही कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया । इसके बाद तत्कालीन ग्राम प्रधान निरंजन सिंह ने उनकी माली हालात देखकर दोबारा तीन बीघा जमीन का पट्टा दे दिया। कुछ समय बाद इस पर भी कब्जा कर लिया । उन्होंने कहा उसकी जमीन मात्र डेढ़ बीघा ही दी। जबकि अपने पिता की मौत के बाद से वह कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। अपनी जमीन पाने के लिए आत्महत्या तक का प्रयास कर चुका है। जमीन न मिल पाने से नाराज किसान परिवार समेत इच्छा मृत्यु की मांग भी कर चुका है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया लखनऊ से सोमवार को चकबंदी अधिकारियों की टीम बामनौली जांच करने पहुंची, इसमे महेश पाल ने भी समस्या रखी । उन्होंने बताया सुबह सवेरे उसकी पत्नी को घर के आंगन में धमकी भरा पत्र पड़ा मिला। महेश पाल ने पुलिस से अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की । धमकी भरा पत्र मिलने से परिवार में दहशत फैल गई है। वहीं एसओ दोघट चितवन कुमार ने बताया मामले की जांच कर कार्रवाई कराई जाएगी।
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