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झूंडपुर में तांत्रिक क्रिया में बीमार राजमिस्त्री की मौत
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:28 AM IST
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झूंडपुर में तांत्रिक क्रिया में बीमार राजमिस्त्री की मौत
दोघट। झूंडपुर गांव में तीन माह से बीमार राजमिस्त्री की तांत्रिक क्रिया के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने तांत्रिक पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से भी इंकार कर दिया। उनका कहना है कि जब कि आरोपी तांत्रिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
झूंडपुर गांव निवासी संजय (45) पुत्र हुकमी राज मिस्त्री था। पत्नी बबीता ने बताया कि वह तीन माह से बीमार था। परिजनों ने उसका कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। एक माह पहले संजय को उसका भाई महावीर दाहा गांव में एक तांत्रिक के पास ले गया। तांत्रिक क्रिया करने के बाद एक घंटे तो उसे आराम रहता था, लेकिन फिर से उसकी हालत बिगड़ जाती थी। परिजनों ने उसका अच्छे अस्पताल में इलाज कराने के लिए कहा तो तांत्रिक ने अस्पताल में इलाज कराने के लिए मना कर दिया। तांत्रिक ने परिजनों से कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, उसे घर पर ही ठीक कर देंगे। शुक्रवार को तांत्रिक क्रिया के चलते संजय की मौत हो गई। उसकी मौत पर परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने तांत्रिक की तलाश की, लेकिन वह हाथ नहीं लग सका। पत्नी ने मृतक के भाई व तांत्रिक पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है। मृतक का शव अभी घर पर ही रखा हुआ है। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक आरोपी तांत्रिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। थानाध्यक्ष चितवन कुमार ने बताया कि अभी तक तहरीर नहीं मिली है। मामला गंभीर है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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परिवार में नहीं बचा कोई कमाने वाला
दोघट। राजमिस्त्री संजय मेहनत-मजूदरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। अब उसके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं रहा है। पत्नी बबीता ने बताया कि तीन बेटियां व दो बेटे हैं। बेटियां शादी योग्य हो रही हैं। परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं रहा। बेटियों की शादी कौन करेगा। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की।
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बच्चों की बलि तक चढ़ा देते हैं तांत्रिक
बागपत। तांत्रिक क्रिया के दौरान मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई लोगों की मौत तंत्र-मंत्र के चलते हो चुकी है। कई गांव में तांत्रिक ने बच्चों की बलि तक चढ़ाई है। दो माह पहले सिंघावली थाना क्षेत्र के कमाला गांव में बच्ची को सांप ने काट लिया था। मौत होने पर परिजनों ने चिरचिटा के पास हिंडन नदी के किनारे बच्ची के शव को दफना दिया था। मृतक बच्ची को जिंदा करने का आश्वासन देकर तांत्रिक ने परिजनों से बच्ची का शव कब्र से निकलवा दिया था। पुलिस ने तांत्रिक को जेल भेजा था। बिनौली थाना क्षेत्र के फतेहपुर पुट्ठी गांव में अगस्त माह में सात साल के बच्चे लक्की की तांत्रिक ने बलि के लिए हत्या कर दी थी। बच्चे का शव घर के पास तालाब में मिला था। पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को जेल भेज दिया था।
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लोगों के जीवन से खेल रहे हैं तांत्रिक
बागपत। ग्रामीण क्षेत्रों में आज तक भी लोग तंत्र-मंत्र में विश्वास रखते हैं, जिसका फायदा उठाकर तांत्रिक लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। आए दिन तांत्रिक क्रिया में किसी न किसी की मौत हो रही है, लेकिन इसके बाद भी लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लोगों को पाखंडियों से बचकर रहना चाहिए। तांत्रिकोें के चक्कर में न पड़े। बीमार लोग अच्छे डॉक्टर से इलाज कराएं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक होने की जरूरत है।
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दोघट। झूंडपुर गांव में तीन माह से बीमार राजमिस्त्री की तांत्रिक क्रिया के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने तांत्रिक पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से भी इंकार कर दिया। उनका कहना है कि जब कि आरोपी तांत्रिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
झूंडपुर गांव निवासी संजय (45) पुत्र हुकमी राज मिस्त्री था। पत्नी बबीता ने बताया कि वह तीन माह से बीमार था। परिजनों ने उसका कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। एक माह पहले संजय को उसका भाई महावीर दाहा गांव में एक तांत्रिक के पास ले गया। तांत्रिक क्रिया करने के बाद एक घंटे तो उसे आराम रहता था, लेकिन फिर से उसकी हालत बिगड़ जाती थी। परिजनों ने उसका अच्छे अस्पताल में इलाज कराने के लिए कहा तो तांत्रिक ने अस्पताल में इलाज कराने के लिए मना कर दिया। तांत्रिक ने परिजनों से कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, उसे घर पर ही ठीक कर देंगे। शुक्रवार को तांत्रिक क्रिया के चलते संजय की मौत हो गई। उसकी मौत पर परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने तांत्रिक की तलाश की, लेकिन वह हाथ नहीं लग सका। पत्नी ने मृतक के भाई व तांत्रिक पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है। मृतक का शव अभी घर पर ही रखा हुआ है। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक आरोपी तांत्रिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। थानाध्यक्ष चितवन कुमार ने बताया कि अभी तक तहरीर नहीं मिली है। मामला गंभीर है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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परिवार में नहीं बचा कोई कमाने वाला
दोघट। राजमिस्त्री संजय मेहनत-मजूदरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। अब उसके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं रहा है। पत्नी बबीता ने बताया कि तीन बेटियां व दो बेटे हैं। बेटियां शादी योग्य हो रही हैं। परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं रहा। बेटियों की शादी कौन करेगा। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की।
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बच्चों की बलि तक चढ़ा देते हैं तांत्रिक
बागपत। तांत्रिक क्रिया के दौरान मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई लोगों की मौत तंत्र-मंत्र के चलते हो चुकी है। कई गांव में तांत्रिक ने बच्चों की बलि तक चढ़ाई है। दो माह पहले सिंघावली थाना क्षेत्र के कमाला गांव में बच्ची को सांप ने काट लिया था। मौत होने पर परिजनों ने चिरचिटा के पास हिंडन नदी के किनारे बच्ची के शव को दफना दिया था। मृतक बच्ची को जिंदा करने का आश्वासन देकर तांत्रिक ने परिजनों से बच्ची का शव कब्र से निकलवा दिया था। पुलिस ने तांत्रिक को जेल भेजा था। बिनौली थाना क्षेत्र के फतेहपुर पुट्ठी गांव में अगस्त माह में सात साल के बच्चे लक्की की तांत्रिक ने बलि के लिए हत्या कर दी थी। बच्चे का शव घर के पास तालाब में मिला था। पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को जेल भेज दिया था।
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लोगों के जीवन से खेल रहे हैं तांत्रिक
बागपत। ग्रामीण क्षेत्रों में आज तक भी लोग तंत्र-मंत्र में विश्वास रखते हैं, जिसका फायदा उठाकर तांत्रिक लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। आए दिन तांत्रिक क्रिया में किसी न किसी की मौत हो रही है, लेकिन इसके बाद भी लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लोगों को पाखंडियों से बचकर रहना चाहिए। तांत्रिकोें के चक्कर में न पड़े। बीमार लोग अच्छे डॉक्टर से इलाज कराएं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक होने की जरूरत है।