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Baghpat News: साधु बोला-मरने का इंतजार नहीं किया, दोनों को जिंदा दफन किया
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रटौल। जेल से 12 घंटे के रिमांड पर लाए गए दोहरे हत्याकांड के आरोपी साधु नरेशनाथ की निशानदेही पर पुलिस ने सांकरौद के पास यमुना नदी से मृतक इसरार की बाइक और खैला मोड़ पर पेट्रोल पंप के पीछे से साधु की कार बरामद की, जिसमें नींद की गोलियां और जहर से भरे हुए इंजेक्शन मिले। साधु ने पुलिस को बताया कि पहले नशे की गोलियां डालकर इसरार व उसके दोस्त अंकित को चाय पिलाई। फिर जहर के इंजेक्शन लगाए। दोनों के मरने का भी इंतजार नहीं किया और उनको जिंदा दफन कर दिया।
सीओ रोहन चौरसिया के अनुसार हत्यारोपी नरेशनाथ ने बताया कि मृतक अंकित प्रजापति का गांव की एक महिला के साथ संबंध था, जो उससे रुपये ऐंठ रही थी, इसलिए अंकित को लेकर उसकी बहन और मां साधु के पास तंत्र क्रिया कराने के लिए आई थी ताकि अंकित उस महिला से दूर हो जाए। तभी अंकित की बहन के साथ उसकी नजदीकियां बढ़ गई थीं। उनके आपत्तिजनक फोटो मिलने पर अंकित ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और रुपये ऐंठने लगा था।
रुपये नहीं देने पर उसने फोटो वायरल करने की धमकी भी दी थी। 25 जुलाई को अंकित उससे 35 हजार रुपये लेने आया था, रुपयों का जुगाड़ नहीं होने पर उसने हत्या करने की योजना बनाई। अंकित की हत्या में फंसने के डर से इसरार को भी मारना पड़ा। पूछताछ में हत्यारोपी ने बताया कि दोहरे हत्याकांड की घटना ने उसकी पूरी दुनिया उजाड़ दी, जिसका अफसोस भी हुआ था। पुलिस ने बड़ागांव के पास नहर में मोबाइलों की तलाश कराई, लेकिन कई घंटे बाद भी कुछ पता नहीं चला।
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थाने के मंदिर में पुजारी बन गया था आरोपी
दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद वह कोलकाता के बागुयती थाने में स्थित मंदिर का पुजारी बनकर पूजा अर्चना करने लगा था। पकड़े जाने के डर से वहां से नेपाल चला गया था, लेकिन वहां बाढ़ आने पर वापस मंदिर में आ गया था।
पत्नी को लेकर आए केमिस्ट से ली थी नींद की गोलियां
पूछताछ में साधु ने बताया कि सिंगौली तगा गांव के मंदिर में दिल्ली का एक युवक अपनी पत्नी की समस्या का समाधान कराने के लिए तंत्र क्रिया कराने आया था, जो मेडिकल स्टोर पर काम करता था। उसने नींद नहीं आने की बात कहकर युवक से नींद की गोलियां मंगवाई थीं। तभी युवक ने नींद के इंजेक्शन भी लाकर दिए थे।
नींद आते ही सपने में दिख रही थी बागपत पुलिस
हत्यारोपी नरेशनाथ ने बताया कि रोजाना गिरफ्तार होने का डर सता रहा था। इसके चलते जब भी उसे नींद आती तो सपने में बागपत पुलिस गिरफ्तार करते हुए दिखाई दे रही थी। लगातार तीन दिन ऐसे सपने आए और चौथे दिन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
यह था मामला
सिंगौली तगा गांव के रहने वाले दिव्यांग अंकित प्रजापति और उसके दोस्त इसरार को 25 जुलाई को लहचौड़ा गांव के श्रीगणेश मंदिर में चाय में नशीली गोलियां मिलाकर पिलाने के बाद जहर के इंजेक्शन लगाकर गड्ढे में दबा दिया गया था। पुलिस ने 12 अगस्त की रात आरोपी उज्ज्वल निवासी पूरनपुर नवादा को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया और मंदिर परिसर में दबाए गए दोनों के शव बरामद किए। पुलिस ने दूसरे आरोपी कृष्णा निवासी धुम्मा भुलंदी जिला जौनपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि तीसरे हत्यारोपी 25 हजार रुपये के इनामी साधु नरेशनाथ निवासी कुंडेश्वरी जिला ऊधमसिंह नगर को कोलकाता के विधाननगर में मंदिर के बाहर भीख मांगते हुए गिरफ्तार कर लिया था।
वर्जन-
रिमांड पर लाए गए साधु से पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर कार और मृतक की बाइक बरामद की गई, जबकि मोबाइल का कुछ पता नहीं चला। कार से नींद की गोलियां और इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। आरोपी साधु को वापस जेल भेज दिया गया है।
-रोहन चौरसिया, सीओ
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सीओ रोहन चौरसिया के अनुसार हत्यारोपी नरेशनाथ ने बताया कि मृतक अंकित प्रजापति का गांव की एक महिला के साथ संबंध था, जो उससे रुपये ऐंठ रही थी, इसलिए अंकित को लेकर उसकी बहन और मां साधु के पास तंत्र क्रिया कराने के लिए आई थी ताकि अंकित उस महिला से दूर हो जाए। तभी अंकित की बहन के साथ उसकी नजदीकियां बढ़ गई थीं। उनके आपत्तिजनक फोटो मिलने पर अंकित ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और रुपये ऐंठने लगा था।
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रुपये नहीं देने पर उसने फोटो वायरल करने की धमकी भी दी थी। 25 जुलाई को अंकित उससे 35 हजार रुपये लेने आया था, रुपयों का जुगाड़ नहीं होने पर उसने हत्या करने की योजना बनाई। अंकित की हत्या में फंसने के डर से इसरार को भी मारना पड़ा। पूछताछ में हत्यारोपी ने बताया कि दोहरे हत्याकांड की घटना ने उसकी पूरी दुनिया उजाड़ दी, जिसका अफसोस भी हुआ था। पुलिस ने बड़ागांव के पास नहर में मोबाइलों की तलाश कराई, लेकिन कई घंटे बाद भी कुछ पता नहीं चला।
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थाने के मंदिर में पुजारी बन गया था आरोपी
दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद वह कोलकाता के बागुयती थाने में स्थित मंदिर का पुजारी बनकर पूजा अर्चना करने लगा था। पकड़े जाने के डर से वहां से नेपाल चला गया था, लेकिन वहां बाढ़ आने पर वापस मंदिर में आ गया था।
पत्नी को लेकर आए केमिस्ट से ली थी नींद की गोलियां
पूछताछ में साधु ने बताया कि सिंगौली तगा गांव के मंदिर में दिल्ली का एक युवक अपनी पत्नी की समस्या का समाधान कराने के लिए तंत्र क्रिया कराने आया था, जो मेडिकल स्टोर पर काम करता था। उसने नींद नहीं आने की बात कहकर युवक से नींद की गोलियां मंगवाई थीं। तभी युवक ने नींद के इंजेक्शन भी लाकर दिए थे।
नींद आते ही सपने में दिख रही थी बागपत पुलिस
हत्यारोपी नरेशनाथ ने बताया कि रोजाना गिरफ्तार होने का डर सता रहा था। इसके चलते जब भी उसे नींद आती तो सपने में बागपत पुलिस गिरफ्तार करते हुए दिखाई दे रही थी। लगातार तीन दिन ऐसे सपने आए और चौथे दिन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
यह था मामला
सिंगौली तगा गांव के रहने वाले दिव्यांग अंकित प्रजापति और उसके दोस्त इसरार को 25 जुलाई को लहचौड़ा गांव के श्रीगणेश मंदिर में चाय में नशीली गोलियां मिलाकर पिलाने के बाद जहर के इंजेक्शन लगाकर गड्ढे में दबा दिया गया था। पुलिस ने 12 अगस्त की रात आरोपी उज्ज्वल निवासी पूरनपुर नवादा को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया और मंदिर परिसर में दबाए गए दोनों के शव बरामद किए। पुलिस ने दूसरे आरोपी कृष्णा निवासी धुम्मा भुलंदी जिला जौनपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि तीसरे हत्यारोपी 25 हजार रुपये के इनामी साधु नरेशनाथ निवासी कुंडेश्वरी जिला ऊधमसिंह नगर को कोलकाता के विधाननगर में मंदिर के बाहर भीख मांगते हुए गिरफ्तार कर लिया था।
वर्जन-
रिमांड पर लाए गए साधु से पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर कार और मृतक की बाइक बरामद की गई, जबकि मोबाइल का कुछ पता नहीं चला। कार से नींद की गोलियां और इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। आरोपी साधु को वापस जेल भेज दिया गया है।
-रोहन चौरसिया, सीओ