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Baghpat News: तिरसपाल ने धमकी के बाद भी नहीं हारी हिम्मत, 10 साल से लड़ता रहा
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बागपत। लुहारा गांव के विकास उर्फ विक्की और पप्पू की हत्या के वादी तिरसपाल ने पैरवी शुरू की तो उसे तीन बार हत्या की धमकी मिली। इसके बाद भी तिरसपाल ने हिम्मत नहीं हारी और पुलिस सुरक्षा मिली तो उसका हौसला बढ़ गया। इसके बाद तिरसपाल ने हत्यारोपियों को सजा दिलाने के लिए दस साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी।
लुहारा गांव निवासी तिरसपाल ने बताया कि छोटे भाई विकास और पप्पू की हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के बाद 19 जुलाई को वह अपने खेत में काम करने गया। वहां पर हत्यारोपी अमरपाल लुहारा उर्फ कालू ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसको रोक लिया और मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। मुकदमा वापस नहीं लेने पर भाइयों की तरह हत्या करने की धमकी भी दी गई। इसके बाद वर्ष 2016 में जेल में बंद अमरपाल उर्फ कालू ने अपने साथी के साथ मिलकर फोन कर गवाही बदलने का दबाव बनाया और खिलाफ गवाही देने पर परिवार समेत हत्या करने की धमकी दी। इसके बाद वर्ष 2019 में जेल से जमानत पर बाहर आए अमरपाल उर्फ कालू ने तीसरी बार धमकी दी। धमकी मिलने के तीनों मुकदमे छपरौली थाने में दर्ज कराए। बार-बार धमकी मिलने पर उसे पुलिस सुरक्षा मिली।
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सुरक्षा हटी तो गांव से बाहर जाकर छिपा
तिरसपाल ने बताया कि अमरपाल उर्फ कालू कुख्यात बदमाश है, जो प्रदेश के माफियाओं की सूची में भी शामिल है और उसके गिरोह के सदस्य कई घटनाओं को अंजाम भी दे चुके हैं। तिरसपाल ने बताया कि जब भी उसकी सुरक्षा हटी तो उसे गांव से बाहर जाकर छिपना पड़ा। मुकदमे की पैरवी के दौरान काफी सावधानी से कचहरी आना जाना किया।
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लुहारा गांव निवासी तिरसपाल ने बताया कि छोटे भाई विकास और पप्पू की हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के बाद 19 जुलाई को वह अपने खेत में काम करने गया। वहां पर हत्यारोपी अमरपाल लुहारा उर्फ कालू ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसको रोक लिया और मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। मुकदमा वापस नहीं लेने पर भाइयों की तरह हत्या करने की धमकी भी दी गई। इसके बाद वर्ष 2016 में जेल में बंद अमरपाल उर्फ कालू ने अपने साथी के साथ मिलकर फोन कर गवाही बदलने का दबाव बनाया और खिलाफ गवाही देने पर परिवार समेत हत्या करने की धमकी दी। इसके बाद वर्ष 2019 में जेल से जमानत पर बाहर आए अमरपाल उर्फ कालू ने तीसरी बार धमकी दी। धमकी मिलने के तीनों मुकदमे छपरौली थाने में दर्ज कराए। बार-बार धमकी मिलने पर उसे पुलिस सुरक्षा मिली।
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सुरक्षा हटी तो गांव से बाहर जाकर छिपा
तिरसपाल ने बताया कि अमरपाल उर्फ कालू कुख्यात बदमाश है, जो प्रदेश के माफियाओं की सूची में भी शामिल है और उसके गिरोह के सदस्य कई घटनाओं को अंजाम भी दे चुके हैं। तिरसपाल ने बताया कि जब भी उसकी सुरक्षा हटी तो उसे गांव से बाहर जाकर छिपना पड़ा। मुकदमे की पैरवी के दौरान काफी सावधानी से कचहरी आना जाना किया।
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