बागपत: बाढ़ और सूखे से निपटने के लिए रहें तैयार, खुलेगा कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियों पर तैनात रहेगी एंबुलेंस
- संभावित बाढ़ और सूखे से निपटने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए
- चिकित्सा अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी बाढ़ चौकियों पर
विस्तार
बागपत में डीएम शकुंतला गौतम ने कहा कि प्रत्येक विभाग बाढ़ और सूखे से निपटने के लिए तैयार रहें। जिले में 15 जून से कंट्रोल रूम खुलेगा, जो 24 घंटे कार्य करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूखे की स्थिति में पानी की कमी ना रहे और बिजली की सही सप्लाई होती रहे।
विकास भवन सभागार में डीएम ने संभावित बाढ़ और सूखे से निपटने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। बाढ़ नियंत्रण कक्ष 15 जून से 15 अक्टूबर 2020 तक 24 घंटे कार्य करेगा। इसमें संबंधित विभाग अलर्ट रहें। जिसकी जो जिम्मेदारी है, उसकी समस्त तैयारी अवश्य पूर्ण कर लें। सूखे में पानी की कमी ना रहे और विद्युत की सही सप्लाई होती रहे।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहरों में पानी रोस्टर के अनुसार अवश्य पहुंचना चाहिए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था, टीकाकरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ के समय दवाई की उपलब्धता पूरी करने के लिए कहा गया।
समस्याओं के निराकरण के लिए डीएम ने तत्काल विभागीय अधिकारियों को सूखा प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्नत बीजों का उपयोग स्वयं सहायता समूहों का गठन करके लोगों में पानी बचाने के लिए जागरूकता लाने पर बल दिया। 11 बाढ़ चौकियों की व्यवस्था तहसील स्तर पर किया जाना है। यमुना नदी पर पांच बाढ़ चौकी की व्यवस्था की जानी है।
तहसील मुख्यालय बागपत, पुलिस चौकी पाठशाला खेकड़ा, थाना छपरौली प्राइमरी पाठशाला, जागोस पंचायत चौपाल के साथ हिंडन नदी पर छह बाढ़ चौकियों की व्यवस्था की जानी है। थाना बालैनी, थाना चांदीनगर, रटोल चौकी, थाना बिनौली, पुलिस चौकी बामनौली, पुलिस चौकी बरनावा पर बाढ़ चौकी बननी है।
बाढ़ प्रभावित ग्रामों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी बाढ़ चौकियों पर लगाने की व्यवस्था करें। प्रत्येक बाढ़ चौकी पर एक एंबुलेंस 108 की तैनाती किए जाने की भी व्यवस्था करना अति आवश्यक होगा। बैठक में एडीएम अमित कुमार सिंह, एसडीएम रामनयन सिंह, सीएमओ डॉ आरके टंडन, डीसीओ डॉ अनिल कुमार और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।