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छोटे कृषकों को लाभ देने पर सहमति
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
Updated Sun, 26 Mar 2017 01:07 AM IST
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बागपत। जाट भवन में शनिवार को सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड की वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न प्रस्ताव पारित हुए। कृषकों को हुए नुकसान को देखते हुए ऋण सीमा 40 हजार से घटाकर 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की गई, जिससे छोटे किसानों को लाभ मिल सके।
सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष कृष्णपाल ने बताया कि गन्ना पर्यवेक्षक सरूरपुर सर्किल पर तैनात है उसे 10 दिन में अन्य सर्किल में तैनात रखने का प्रस्ताव पारित हुआ है। किसानों ने सांकरौद गांव में क्रय केंद्र न चलने शिकायत की। चीनी मिल की क्षमता बढ़ाने की मांग की गई। गन्ना पर्ची खोने पर शपथ पत्र देना पढ़ता है जिसका विरोध है। प्रार्थना पत्र देकर खोई हुई पर्ची पर सहमती बनी।
समिति के सदस्यों को अवगत कराया कि मोदीनगर और ब्रजनाथपुर 31 मार्च तक बंद होने की संभावना है। इससे पहले सभी गन्ना पहुंचाना सुनिश्चित करें। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने अगेती प्रजाति के गन्ने की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया। उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, विक्रम सिंह, श्रीपाल, पिंकू ढाका, मनोज कुमार, सत्यपाल सिंह, इंद्रपाल सिंह, ओमपाल सिंह, विनोद सहित काफी संख्या में समिति के सदस्य मौजूद रहे।
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सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष कृष्णपाल ने बताया कि गन्ना पर्यवेक्षक सरूरपुर सर्किल पर तैनात है उसे 10 दिन में अन्य सर्किल में तैनात रखने का प्रस्ताव पारित हुआ है। किसानों ने सांकरौद गांव में क्रय केंद्र न चलने शिकायत की। चीनी मिल की क्षमता बढ़ाने की मांग की गई। गन्ना पर्ची खोने पर शपथ पत्र देना पढ़ता है जिसका विरोध है। प्रार्थना पत्र देकर खोई हुई पर्ची पर सहमती बनी।
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समिति के सदस्यों को अवगत कराया कि मोदीनगर और ब्रजनाथपुर 31 मार्च तक बंद होने की संभावना है। इससे पहले सभी गन्ना पहुंचाना सुनिश्चित करें। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने अगेती प्रजाति के गन्ने की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया। उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, विक्रम सिंह, श्रीपाल, पिंकू ढाका, मनोज कुमार, सत्यपाल सिंह, इंद्रपाल सिंह, ओमपाल सिंह, विनोद सहित काफी संख्या में समिति के सदस्य मौजूद रहे।
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