फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Confusion over NRC, certificates being discovered after 50 years

एनआरसी पर भ्रम, 50 साल बाद तलाशे जा रहे प्रमाणपत्र

Fri, 10 Jan 2020 12:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jan 2020 12:48 AM IST
विज्ञापन
Confusion over NRC, certificates being discovered after 50 years
बागपत। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भ्रम और अफवाह की स्थिति है। पुराने प्रमाणपत्रों के लिए लोग सरकारी कार्यालय में गोपनीय तरीके से भागदौड़ कर रहे हैं। बीएसए कार्यालय मेें 50 साल बाद एक बुजुर्ग अपना पांचवीं पास का प्रमाणपत्र लेने पहुंचे। बीएसए से मुलाकात नहीं हो सकी।
विज्ञापन

राजपुर गांव निवासी मंजूर अहमद ने साल 1970 में लुहारी गांव के केएचआर इंटर कॉलेज से पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण की थी। बृहस्पतिवार को वह बीएसए कार्यालय पहुंचे। यहां कर्मचारियों को उन्होंने बताया कि पांचवीं पास का प्रमाणपत्र देने से स्कूल ने मना कर दिया है। स्कूल का कहना है कि बीएसए की अनुमति के बाद ही प्रमाणपत्र मिलेगा। कर्मचारियों ने पचास साल बाद प्रमाणपत्र की जरूरत पूछी तो मंजूर ने कहा कि वह उसे व्यक्तिगत जरूरत है। एनआरसी जैसे मामलों में भी पुराने प्रमाणपत्रों की जरूरत पड़ सकती है। यहां मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह बुजुर्ग को नागरिकता संशोधन कानून के विषय में समझाकर वापस भेज दिया। बीएसए से उसकी मुलाकात नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed