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सिराजुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चढ़ाई चादर
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कोरोना से एहतियात में इस बार उर्स मेले का आयोजन नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चांदीनगर। रटौल गांव में रविवार को सिराजुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाई गई। कोरोना संक्रमण से एहतियात के लिए इस बार उर्स मेले का आयोजन नहीं किया गया है।
रटौल गांव में सिराजुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर दरगाह कमेटी के अध्यक्ष हकीम सिराजुद्दीन ने चादर चढ़ाई और परंपरा को आगे बढ़ाया। देश में अमन के लिए दुआ की गई। हकीम सिराजुद्दीन ने बताया कि कोरोना संक्रमण से एहतियात के लिए इस बार उर्स मेले का आयोजन नहीं किया गया है।। उन्होंने कहा की दरगाह के समीप ही एएमयू की शाखा के ही एक कॉलेज की स्थापना के बाद कार्य शुरू हो चुका है। बाबू कुरैशी, बाबर चौहान, वसीम कुरैशी, बाबर चौहान, फैज मोहम्मद, उमर, हबीब खान, नोमान अब्बासी ने सहयोग किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चांदीनगर। रटौल गांव में रविवार को सिराजुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाई गई। कोरोना संक्रमण से एहतियात के लिए इस बार उर्स मेले का आयोजन नहीं किया गया है।
रटौल गांव में सिराजुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर दरगाह कमेटी के अध्यक्ष हकीम सिराजुद्दीन ने चादर चढ़ाई और परंपरा को आगे बढ़ाया। देश में अमन के लिए दुआ की गई। हकीम सिराजुद्दीन ने बताया कि कोरोना संक्रमण से एहतियात के लिए इस बार उर्स मेले का आयोजन नहीं किया गया है।। उन्होंने कहा की दरगाह के समीप ही एएमयू की शाखा के ही एक कॉलेज की स्थापना के बाद कार्य शुरू हो चुका है। बाबू कुरैशी, बाबर चौहान, वसीम कुरैशी, बाबर चौहान, फैज मोहम्मद, उमर, हबीब खान, नोमान अब्बासी ने सहयोग किया।
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