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बच्चों के स्कूल बैग ने बढ़ाया अभिभावकों पर बोझ
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रेनू।
- फोटो : BARAUT
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे अभिभावकों की जेब पर इस बार बच्चों की पढ़ाई ने बोझ और बढ़ा दिया है। नए सत्र में कॉपी और किताबों के साथ स्कूल ड्रेस की कीमतों में पांच से दस फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। स्कूली बैग पर ही 50 से 100 रुपये तक बढ़ गए। फुटवियर पर जीएसटी दर पांच से 12 फीसदी होने के बाद जूतों की कीमतों में 50-60 रुपये तक का इजाफा हुआ है। अभिभावकों का कहना है कि जो किताब बाजार में 150 रुपये तक मिल सकती है, वो 250 से 300 रुपये में मिलती है। अभिभावकों पर लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है।
कई कारणों से बढ़ गए दाम
बड़ौत। दुकानदार नवीन जैन का कहना है कि साल के मुकाबले स्कूल बैग, जूते सहित किताबों के दामों में इजाफा हुुुआ है। इसके कई कारण है, जिसमें डीजल के दाम बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ना और जीएसटी दरों में वृद्धि हुई है।
ड्रेस की कीमत में इस तरह हुई वृद्धि
कक्षा वर्ष 2021 वर्ष 2022
1 से 3 350 से 450 रुपये 400 से 550 रुपये
8 से 9 450 से 650 रुपये 550 से 750 रुपये
10 से 12 800 से 1000 रुपये 900 से 1100 रुपये
स्कूल बैग 150 से 250 रुपये 200 से 300 रुपये
जूता 150 से 250 रुपये 250 से 350 रुपये
अभिभावक बोले, सरका को उठाने चाहिए उचित कदम
आंचल का कहना है कि महंगाई बढ़ गई है। पहले जो बैग 150 रुपये में मिलते थे, अब वहीं 200 से लेकर 300 तक हो गए हैं। ऐसे में अभिभावकों पर महंगाई का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। सरकार इस ओर ध्यान दे।
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रेनू का कहना है कि हमारे घर के बच्चे निजी विद्यालयों में पढ़ते हैं। निजी विद्यालयों में फीस से लेकर किताबें, बैग, जूते, मोजा भी महंगे मिल रहे हैं। ऐसे में महंगाई पर अंकुश लगाना चाहिए।
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बड़ौत। अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे अभिभावकों की जेब पर इस बार बच्चों की पढ़ाई ने बोझ और बढ़ा दिया है। नए सत्र में कॉपी और किताबों के साथ स्कूल ड्रेस की कीमतों में पांच से दस फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। स्कूली बैग पर ही 50 से 100 रुपये तक बढ़ गए। फुटवियर पर जीएसटी दर पांच से 12 फीसदी होने के बाद जूतों की कीमतों में 50-60 रुपये तक का इजाफा हुआ है। अभिभावकों का कहना है कि जो किताब बाजार में 150 रुपये तक मिल सकती है, वो 250 से 300 रुपये में मिलती है। अभिभावकों पर लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है।
कई कारणों से बढ़ गए दाम
बड़ौत। दुकानदार नवीन जैन का कहना है कि साल के मुकाबले स्कूल बैग, जूते सहित किताबों के दामों में इजाफा हुुुआ है। इसके कई कारण है, जिसमें डीजल के दाम बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ना और जीएसटी दरों में वृद्धि हुई है।
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ड्रेस की कीमत में इस तरह हुई वृद्धि
कक्षा वर्ष 2021 वर्ष 2022
1 से 3 350 से 450 रुपये 400 से 550 रुपये
8 से 9 450 से 650 रुपये 550 से 750 रुपये
10 से 12 800 से 1000 रुपये 900 से 1100 रुपये
स्कूल बैग 150 से 250 रुपये 200 से 300 रुपये
जूता 150 से 250 रुपये 250 से 350 रुपये
अभिभावक बोले, सरका को उठाने चाहिए उचित कदम
आंचल का कहना है कि महंगाई बढ़ गई है। पहले जो बैग 150 रुपये में मिलते थे, अब वहीं 200 से लेकर 300 तक हो गए हैं। ऐसे में अभिभावकों पर महंगाई का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। सरकार इस ओर ध्यान दे।
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रेनू का कहना है कि हमारे घर के बच्चे निजी विद्यालयों में पढ़ते हैं। निजी विद्यालयों में फीस से लेकर किताबें, बैग, जूते, मोजा भी महंगे मिल रहे हैं। ऐसे में महंगाई पर अंकुश लगाना चाहिए।

आंचल।- फोटो : BARAUT