{"_id":"578fd1574f1c1b347fc4c8c3","slug":"celebration-of-veer-shasan-jayanti-in-small-jain-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"छोटा जैन मंदिर में वीर शासन जयंती धूमधाम से मनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छोटा जैन मंदिर में वीर शासन जयंती धूमधाम से मनी
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
Updated Thu, 21 Jul 2016 01:00 AM IST
विज्ञापन
बुधवार को छोटा जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा शामिल श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिगंबर जैन छोटा जैन मंदिर में विहर्ष सागर महाराज के संसघ सानिध्य में वीर शासन जयंती मनाई गई।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ सुमथ प्रसाद जैन ने मंगलाचरण से किया। धर्मसभा में विहर्ष सागर महाराज ने कहा कि जिन्होंने विश्व को खुद भी जियो और जीने दो का संदेश दिया। आज के शुभ दिन में वीर प्रभु को दिव्य देशना 66 दिन के अंतराल के बाद विपुलाचल पर्व पर समोशरण के मध्य लिखी थी।
दीक्षा लेने के बाद भगवान महावीर स्वामी ने मौन व्रत अंगीकार किया और 12 वर्ष की तपस्या के बाद केवल ज्ञान प्राप्त किया। उसी समय इंद्र की आज्ञा से कुबेर ने समोशरण की रचना की, लेकिन प्रभु की वाणी नहीं सीखी और इंद्र ने अवधि ज्ञान से यह जाना की गंध्र्व का अभाव और गंध्र्व होने की योग्यता इंद्रभूति गौतम में ही है।
धर्मसभा का संचालन डॉ. आरके जैन ने किया। इसमें अजय, पंकज, सुदेश, अशोक, सुशील, विपिन, अरुण, विपिन, विनोद, सिम्मी जैन, सुनीता, पुष्पा, सुषमा, कृष्णा आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस कार्यक्रम का शुभारंभ सुमथ प्रसाद जैन ने मंगलाचरण से किया। धर्मसभा में विहर्ष सागर महाराज ने कहा कि जिन्होंने विश्व को खुद भी जियो और जीने दो का संदेश दिया। आज के शुभ दिन में वीर प्रभु को दिव्य देशना 66 दिन के अंतराल के बाद विपुलाचल पर्व पर समोशरण के मध्य लिखी थी।
दीक्षा लेने के बाद भगवान महावीर स्वामी ने मौन व्रत अंगीकार किया और 12 वर्ष की तपस्या के बाद केवल ज्ञान प्राप्त किया। उसी समय इंद्र की आज्ञा से कुबेर ने समोशरण की रचना की, लेकिन प्रभु की वाणी नहीं सीखी और इंद्र ने अवधि ज्ञान से यह जाना की गंध्र्व का अभाव और गंध्र्व होने की योग्यता इंद्रभूति गौतम में ही है।
विज्ञापन
धर्मसभा का संचालन डॉ. आरके जैन ने किया। इसमें अजय, पंकज, सुदेश, अशोक, सुशील, विपिन, अरुण, विपिन, विनोद, सिम्मी जैन, सुनीता, पुष्पा, सुषमा, कृष्णा आदि रहे।
विज्ञापन