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Baghpat News: सड़कों पर घूम रहे गोवंश, गोशालाओं पर ताला लगाने की तैयारी

Mon, 27 Oct 2025 12:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Mon, 27 Oct 2025 12:08 AM IST
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Cattle roaming the streets, preparations underway to lock cow shelters
बागपत। सड़कों पर गोवंश घूम रहे हैं और इनको पकड़कर गोशालाओं में भेजने की जगह दो गोशालाओं को बंद करने की तैयारी कर दी गई। बागपत सहित प्रदेश की 200 गोशाला पर जल्द ही ताला लगा नजर आएगा, क्योंकि यहां 30 से कम गोवंश होने के कारण इन्हें बंद करने के लिए शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं।
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जिले में 29 गोशालाएं हैं और इनमें 5700 गोवंश संरक्षित किए गए हैं। रमाला व डगरपुर गांव में ग्राम पंचायत स्तर से पांच-पांच बीघा जमीन में 50 से 80 गोवंश की क्षमता के लिए अस्थायी गोशाला का निर्माण किया गया था, ताकि सड़कों पर घूमने वाले गोवंश को गोशाला में रखा जा सके। गोशाला के निर्माण में 40 लाख रुपये से अधिक बजट खर्च हुआ था। अब दोनों गोशाला पर ताला लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। रमाला में 29 तो डगरपुर में 27 गोवंश हैं और इन दोनों गोशाला पर ताला लगाकर गोवंश को अन्य गोशाला में संरक्षित किया जाएगा।
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यह हाल तब है जब जिले की सड़कों व खेतों में गोवंश खुले घूम रहे हैं। प्रशासन ने गोवंश को पकड़ना जरूरी नहीं समझा और प्रशासन की लापरवाही के कारण अब दो गोशालाएं बंद होने जा रहीं हैं। यही हाल प्रदेश के अन्य जिलों का भी है। बागपत की दो गोशालाओं सहित प्रदेश की 200 गोशालाओं पर ताला लग जाएगा और सड़काें पर गोवंश घूमते रहेंगे। यदि अफसर गोवंश को पकड़ कर इनमें संरक्षित करते तो शायद इन गोशालाओं पर ताला नहीं लगता। अब शासन ने इन सभी गोशाला पर ताला लगाने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद अफसरों ने सर्वे करा लिया और अब अपनी रिपोर्ट शासन को भेजकर गोशालाओं को बंद किया जाएगा।
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सड़कों पर घूम रहे गोवंश ले चुके हैं लोगों की जान
सड़कों व खेतों में घूम रहे गोवंश कई लोगों की जान ले चुके हैं। कुछ दिन पहले भी अमीनगर सराय क्षेत्र में गोवंश के हमले से किसान की मौत हो गई थी। इसके अलावा खेकड़ा, घिटौरा, बड़ौत व जागौस गांव में भी गोवंश की टक्कर से मौत हो चुकी है। फिर भी अफसर शांत बैठे हुए हैं।
केस नंबर एक: दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर तहसील के समीप सितंबर में गोवंश से बिजली मैकेनिक लक्की (24) की बाइक टकरा गई। हादसे में लक्की के पेट में गोवंश के सींग घुसने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार वालों ने लक्की का दिल्ली के अस्पताल में उपचार कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
केस नंबर दो: खेकड़ा कस्बे में मोहल्ला मुंडाला निवासी दृष्टिहीन राकेश तीन महीने पहले बाजार में जा रहा था। तभी सांड़ ने राकेश को टक्कर मार दी और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इसके बाद सांड़ ने एक घोड़ी को भी मार डाला और कई लोगों को घायल भी किया।
केस नंबर तीन : अगस्त में दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर बड़ौत में गोवंश से बाइक टकराने पर दूधिया मुन्ना (55) निवासी बावली सड़क पर गिर गए। इस हादसे में दूधिया मुन्ना की मौत हो गई।
केस नंबर चार : पिछले साल जागौस गांव निवासी किसान विकास शर्मा (42) खेत में काम कर रहे थे। तभी वहां आए सांड़ ने किसान को उठाकर पटक दिया। आसपास खेत में काम कर रहे किसानों ने किसी तरह से सांड़ को भगाया। इसके बाद उपचार के दौरान विकास शर्मा की मौत हो गई।

शासन ने 30 गोवंश से कम वाली गोशालाओं को बंद करने के आदेश दिए हैं। जिले में रमाला व डगरपुर गांव की गोशालाओं में 30 से कम गोवंश हैं। अब इन दोनों गोशालाओं को बंद करने के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। - डॉ. अरविंद त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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