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समाज में फैली कुरीतियों को उखाड़ फेंकने व समाज को एकजुट होने का आहवान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। पंचवटी मंदिर में सोमवार को राष्ट्रीय विद्वत परिषद का प्रथम वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर समाज में फैली कुरीतियों को उखाड़ फेंकने व समाज को एकजुट होने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित जयभगवान शर्मा ने की तथा संचालन आचार्य सतीश भारद्वाज राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रवीण पुलस्त्य राष्ट्रीय महामंत्री ने संयुक्त रूप में किया। कार्यक्रम में जयस्वरूप ब्रह्मचारी, आचार्य वेदप्रकाश ने विचार रखे। नगर पालिका अध्यक्ष अमित राणा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। अतिथियों का स्वागत राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्योतिषाचार्य राजकुमार शास्त्री व पंडित प्रवीण शर्मा ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय विप्र विद्वत परिषद द्वारा 21 वृद्ध ब्राह्मणों को स्मृति चिह्न देखकर सम्मानित किया गया। शामली से आए पंडित प्रेम किशोर कोठारी ने ज्योतिष पर प्रकाश डालते हुए कहा ज्योतिष एक विज्ञान है।
पंडित दयाराम शास्त्री ने कहा कि ब्राह्मणों को समाज हित में कार्य करने चाहिए। दिल्ली प्रदेश से आए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतीश भारद्वाज ने संगठन को मजबूत करने पर बल दिया। पंडित राजकुमार ज्योतिषी बागपत ने समाज में कुरीतियों को दूर करने के लिए वक्तव्य में कहा जैसे हम तेरहवीं 3 दिन की 5 दिन की 7 दिन की 9 दिन की करते हैं। यह शास्त्र विरुद्ध है। सर्वसमाज को संबोधित करते हुए ज्योतिषी ने कहा कि तेरहवीं 13 दिन करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम अध्यक्ष पंडित जयभगवान शर्मा ने दूरदराज से आए अतिथियों का आभार जताया। यहां उमेश कौशिक, पंडित पंकज अगस्त्य, अजयराज शर्मा, सुरेश चंद, अनुज, सुधीर शास्त्री, विजयकांत शास्त्री, संजय शास्त्री, मधुसूदन शास्त्री, पंकज शर्मा, रामकुमार शर्मा, दीपक, गौरव शर्मा शामिल रहे।
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बड़ौत। पंचवटी मंदिर में सोमवार को राष्ट्रीय विद्वत परिषद का प्रथम वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर समाज में फैली कुरीतियों को उखाड़ फेंकने व समाज को एकजुट होने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित जयभगवान शर्मा ने की तथा संचालन आचार्य सतीश भारद्वाज राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रवीण पुलस्त्य राष्ट्रीय महामंत्री ने संयुक्त रूप में किया। कार्यक्रम में जयस्वरूप ब्रह्मचारी, आचार्य वेदप्रकाश ने विचार रखे। नगर पालिका अध्यक्ष अमित राणा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। अतिथियों का स्वागत राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्योतिषाचार्य राजकुमार शास्त्री व पंडित प्रवीण शर्मा ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय विप्र विद्वत परिषद द्वारा 21 वृद्ध ब्राह्मणों को स्मृति चिह्न देखकर सम्मानित किया गया। शामली से आए पंडित प्रेम किशोर कोठारी ने ज्योतिष पर प्रकाश डालते हुए कहा ज्योतिष एक विज्ञान है।
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पंडित दयाराम शास्त्री ने कहा कि ब्राह्मणों को समाज हित में कार्य करने चाहिए। दिल्ली प्रदेश से आए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतीश भारद्वाज ने संगठन को मजबूत करने पर बल दिया। पंडित राजकुमार ज्योतिषी बागपत ने समाज में कुरीतियों को दूर करने के लिए वक्तव्य में कहा जैसे हम तेरहवीं 3 दिन की 5 दिन की 7 दिन की 9 दिन की करते हैं। यह शास्त्र विरुद्ध है। सर्वसमाज को संबोधित करते हुए ज्योतिषी ने कहा कि तेरहवीं 13 दिन करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम अध्यक्ष पंडित जयभगवान शर्मा ने दूरदराज से आए अतिथियों का आभार जताया। यहां उमेश कौशिक, पंडित पंकज अगस्त्य, अजयराज शर्मा, सुरेश चंद, अनुज, सुधीर शास्त्री, विजयकांत शास्त्री, संजय शास्त्री, मधुसूदन शास्त्री, पंकज शर्मा, रामकुमार शर्मा, दीपक, गौरव शर्मा शामिल रहे।
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