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यज्ञ में आहुति डालने से मिलती है मन को शांति
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यज्ञ मेें आहुति डालने से मिलती है मन को शांति
बड़ौत (बागपत)। किरठल गांव मेें चल रहे ऋग्वेद पारायण यज्ञ के पांचवे दिन मंगलवार को काफी संख्या में श्रद्वालुओं ने भाग लिया और यज्ञ मेें आहुतियां देकर धर्म लाभ उठाया।
यज्ञ के ब्रहमा मुकेश कुमार आर्य रहे। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को संस्कारवान शिक्षा की बहुत जरूरत है, क्योंकि गलत संगति में पड़कर युवा नशे, जुआ खेलने का आदी बन चुका है। उसे न तो अपने सम्मान की चिंता है और न ही परिजनों व गुरूजनों की। कहा कि युवाओं का राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान होता है। इसलिए घर पर कम से कम एक सप्ताह में धार्मिक आयोजन कराने चाहिए और उसमे घर की युवतियों, बच्चों, बुजुर्गों को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यज्ञ में आहुति डालने से मन को शांति मिलती है। श्रद्वालुओं को चल रहे ऋग्वेद पारायण यज्ञ के महत्व की जानकारी दी। यज्ञ में श्रद्वालुओं ने आहुतियां देकर धर्म लाभ उठाया। यज्ञ में यज्ञमान व विजयकुमार रहे। यज्ञ में सुक्रमपाल, सुधीर आर्य, राहुल कुमार आर्य, संजीव आर्य, बुलबुल, पुष्पेंद्र चौहान शामिल रहे।
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बड़ौत (बागपत)। किरठल गांव मेें चल रहे ऋग्वेद पारायण यज्ञ के पांचवे दिन मंगलवार को काफी संख्या में श्रद्वालुओं ने भाग लिया और यज्ञ मेें आहुतियां देकर धर्म लाभ उठाया।
यज्ञ के ब्रहमा मुकेश कुमार आर्य रहे। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को संस्कारवान शिक्षा की बहुत जरूरत है, क्योंकि गलत संगति में पड़कर युवा नशे, जुआ खेलने का आदी बन चुका है। उसे न तो अपने सम्मान की चिंता है और न ही परिजनों व गुरूजनों की। कहा कि युवाओं का राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान होता है। इसलिए घर पर कम से कम एक सप्ताह में धार्मिक आयोजन कराने चाहिए और उसमे घर की युवतियों, बच्चों, बुजुर्गों को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यज्ञ में आहुति डालने से मन को शांति मिलती है। श्रद्वालुओं को चल रहे ऋग्वेद पारायण यज्ञ के महत्व की जानकारी दी। यज्ञ में श्रद्वालुओं ने आहुतियां देकर धर्म लाभ उठाया। यज्ञ में यज्ञमान व विजयकुमार रहे। यज्ञ में सुक्रमपाल, सुधीर आर्य, राहुल कुमार आर्य, संजीव आर्य, बुलबुल, पुष्पेंद्र चौहान शामिल रहे।
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