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खर्च के कारण मोबाइल कारोबारियों की जमा पूंजी खत्म
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बड़ौत। वर्ष 2020 में कोरोना काल के शुरू होने के बाद से ही व्यापारी परेशान हैं। वजह कारोबार के हर क्षेत्र को झटका लगा है। ऐसे में मोबाइल व्यापारियों का कहना है कि उनके खर्चे तो कम नहीं हुए लेकिन आमदनी पर ताला जरूर लग गया है। लिहाजा उनके पास जो भी जमा पूंजी थी, वह सब खत्म हो गई। ऐसे में अब सरकार कोई मदद करती है तभी राहत मिलेगी।
मोबाइल बेचने, रिचार्ज करने और मरम्मत से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि कोरोना महामारी की वजह से आवागमन भी ठप था। इस कारण मोबाइल की बिक्री बंद थी। पिछले वर्ष के लाकडाउन में कारोबार काफी प्रभावित हुआ था। दूसरे वर्ष में कारोबार अभी शुरू ही हुआ था कि कोरोना की दूसरी लहर ने बेड़ा ही गर्क कर दिया। अब दुकानें खुली जरूर हैं लेकिन ग्राहक नहीं आ रहे हैं। हालत यह है कि इस समय दुकान खोलकर बैठना सिर्फ टाइम पास बनकर रह गया है। कई माह से दुकानें बंद होने की वजह जनपद में मोबाइल कारोबार को लगभग छह करोड़ का नुकसान हुआ है।
ये बोले मोबाइल विक्रेता
उप्र उद्योग व्यापारी प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष मुदित जैन ने बताया कि जनपद में लगभग 250 मोबाइल विक्रेताओं की दुकानें है। बताया कि कारोबारियों का आर्थिक संकट से उबरना बहुत ही मुश्किल हो गया है। इस समय तो घर का खर्च चलाना भी कठिन हो गया है। सरकार को जल्द ही आर्थिक पैकेज की घोषणा कर देनी चाहिए।
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विपिन तोमर उर्फ भीम का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू की पाबंदियों ने गंभीर रूप से आर्थिक संकट उत्पन्न कर दिया है। पूरे मार्केट में आनलाइन खरीद से भी झटका लगा है। दुकानें टाइम पास बनकर रह गई है। सरकार से मदद की अपेक्षा है
मोबाइल विक्रेता अंकित जैन का कहना है कि दुकानदारों की पूंजी टूट गई है। कारोबारी काफी दबाव में हैं। कोरोना महामारी ने व्यापारियों की कमर तोड़ी दी है।
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मोबाइल बेचने, रिचार्ज करने और मरम्मत से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि कोरोना महामारी की वजह से आवागमन भी ठप था। इस कारण मोबाइल की बिक्री बंद थी। पिछले वर्ष के लाकडाउन में कारोबार काफी प्रभावित हुआ था। दूसरे वर्ष में कारोबार अभी शुरू ही हुआ था कि कोरोना की दूसरी लहर ने बेड़ा ही गर्क कर दिया। अब दुकानें खुली जरूर हैं लेकिन ग्राहक नहीं आ रहे हैं। हालत यह है कि इस समय दुकान खोलकर बैठना सिर्फ टाइम पास बनकर रह गया है। कई माह से दुकानें बंद होने की वजह जनपद में मोबाइल कारोबार को लगभग छह करोड़ का नुकसान हुआ है।
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ये बोले मोबाइल विक्रेता
उप्र उद्योग व्यापारी प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष मुदित जैन ने बताया कि जनपद में लगभग 250 मोबाइल विक्रेताओं की दुकानें है। बताया कि कारोबारियों का आर्थिक संकट से उबरना बहुत ही मुश्किल हो गया है। इस समय तो घर का खर्च चलाना भी कठिन हो गया है। सरकार को जल्द ही आर्थिक पैकेज की घोषणा कर देनी चाहिए।
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विपिन तोमर उर्फ भीम का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू की पाबंदियों ने गंभीर रूप से आर्थिक संकट उत्पन्न कर दिया है। पूरे मार्केट में आनलाइन खरीद से भी झटका लगा है। दुकानें टाइम पास बनकर रह गई है। सरकार से मदद की अपेक्षा है
मोबाइल विक्रेता अंकित जैन का कहना है कि दुकानदारों की पूंजी टूट गई है। कारोबारी काफी दबाव में हैं। कोरोना महामारी ने व्यापारियों की कमर तोड़ी दी है।