सजायाफ्ता भाइयों पर 15-15 हजार का इनाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिलाना गांव के सरपंच सत्यप्रकाश शर्मा की वर्ष 1986 में रक्षा बंधन पर गांव में ही धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या की। मृतक के परिजनों ने ओम दत्त और हरि दत्त पुत्र बाबूराम शर्मा और किशन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों के मुताबिक मेरठ कोर्ट (उस समय पिलाना मेरठ जनपद में आता था) में केस चला। मेरठ कोर्ट ने आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया था।
मृतक के परिजनों ने हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कोर्ट के फैसले के खिलाफ आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। फरवरी 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सहीं मानते हुए उस पर मोहर लगा दी थी। इस केस के सजायाफ्ता ओम दत्त और हरि दत्त को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
सिंघावली अहीर थाना प्रभारी सतीश चंद्रा ने बताया दोनों मुल्जिमों पर 50-50 हजार रुपये के इनाम के लिए शासन को लिखा गया है। सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने सजायाफ्ता ओम दत्त शर्मा और हरि दत्त शर्मा के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने का केस दर्ज किया है।
सुप्रीम कोर्ट कर रहा केस की निगरानी
बागपत। पुलिस के मुताबिक केस की सुप्रीम कोर्ट मॉनीटर्रिंग कर रहा है। कोर्ट में समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट पेश की जाती है। सत्यप्रकाश शर्मा के बेटे श्याम सुंदर शर्मा का आरोप है कि पुलिस सजायाफ्ता हरिदत्त शर्मा और ओम दत्त शर्मा को पकड़ने के लिए गंभीर नहीं है।