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खाद के गड्ढ़ों में कर दिया पाइप पेयजल योजना का बोरिंग

Thu, 26 Dec 2019 12:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2019 12:42 AM IST
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Boring of pipe drinking water scheme made in manure pits
पानी की टंकी - फोटो : BAGHPAT
बागपत। एनजीटी के आदेश पर 29 गांव के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए तैयारियां चल रही हैं। मगर, खामियां भी सामने आने लगी हैं। आदमपुर गांव में ग्राम सभा के प्रस्ताव के बाद जल निगम ने बोरिंग कर दिया। इस पर ग्रामीणों ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया है। कहना है कि यह जगह खाद के गड्ढों की है।
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आदमपुर गांव का चयन पाइप पेयजल योजना के लिए किया गया था। ग्राम सभा के प्रस्ताव के बाद यहां जल निगम ने टंकी के बोरिंग और अन्य निर्माण शुरू कर दिए। बोरिंग का कार्य पूरा भी हो गया था। इसी बीच गांव के इंद्रपाल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया है, जिससे पाइप पेयजल योजना का कार्य लटक गया है। इसके अलावा गढ़ी कांगरान गांव में ग्राम पंचायत ने स्कूल परिसर में जगह उपलब्ध कराई थी। यहां चारदीवारी के अलावा अन्य निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए। ग्रामीण अब विरोध में खड़े हो गए हैं, जिस कारण कार्य रोक देना पड़ा।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके जैन ने एसडीएम बड़ौत को पत्र लिखकर दोनों मामलों से अवगत कराया है। निगम का कहना है कि ग्राम सभा के प्रस्ताव के बाद ही निर्माण और बोरिंग शुरू किए गए थे, लेकिन अब अवरोध के कारण कार्य रोक देना पड़ा है। उधर, किशनपुर बराल गांव में भूमि उपलब्ध न होने के कारण योजना अधर में लटकी हुई है।
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40 करोड़ से 29 गांव में सुधारने हैं हालात
बागपत। एनजीटी के आदेश पर शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए 29 गांव में पहल की जा रही है। 40 करोड़ में 29 गांवों में पाइप पेयजल योजना के तहत कार्य चल रहा है। इनमें 14 गांव बोरिंग के लिए चिह्नित किए गए हैं। सीडीओ पीसी जायसवाल ने बताया कि कृष्णा और हिंडन नदी क्षेत्र के लोगों को 20 मार्च तक शुद्ध पानी दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्य योजना के चलते 29 गांवों में 40 करोड़ रुपये की परियोजना का प्रस्ताव बनाया गया है। कार्य पूरा होने के बाद ग्राम पंचायत को पानी की टंकी हैंडओवर कर दी जाएगी। आठ गांवों में अभी तक टेस्टिंग कार्य चल रहा है। टेस्टिंग रिपोर्ट आने के बाद पानी की जांच होगी। इसके बाद बोरिंग कार्य होगा।
इन गांवों में संचालित होगी योजना
बागपत। बाखरपुर बालौनी, बुढ़सैनी, हबीबपुर नंगला, गल्हैता, शाहपुर बाणगंगा, गढ़ी कांगरान, रहतना, दादरी, धनौरा टीकरी, मांगरौली, इदरीशपुर, फखरपुर शेखपुरा, आदमपुर, सूजती, बोपुरा, चिरचिटा, चंदायन, बेगमाबाद गढ़ी और सरोरा आदि गांवों को योजना में शामिल किया गया है।
पानी में क्या है खराबी
बागपत। जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके जैन का कहना है कि गढ़ी कांगरान और आदमपुर गांव के हैंडपंप की जांच में पाया गया है कि यहां पानी में भारी तत्व हैं। निकिल, आयरन और फ्लोराइड की अधिकता से सेहत को खतरा है। इस वजह से इन गांव में पाइप पेयजल की योजना के लिए चुना गया है। एनजीटी को रिपोर्ट भेजी गई है।

क्या कहते हैं प्रधान
बागपत। आदमपुर गांव के प्रधान मनोज कुमार का कहना है कि ग्राम समाज की भूमि पर बोरिंग कराया गया है। जो व्यक्ति काबिज था, वह हाईकोर्ट चला गया। प्रशासन को प्रकरण की जानकारी दे दी गई है। खाद के गड्ढों की जानकारी कराई जा रही है।
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