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कवि सम्मेलन में बही राष्ट्रवाद की बयार
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कवि सम्मेलन में बही राष्ट्रवाद की बयार
बड़ौत। दून पब्लिक स्कूल में शनिवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया गया। सम्मेलन में कवि मणिकांत भारद्वाज ने कहा मेरे मुल्क में मेरा इतना नाम रहने दो मेरी पहचान मेरा हिंदुस्तान रहने दो। कवि अभिप्राय भारद्वाज ने कहा रुपये पैसे रिश्ते नाते यह तो सब मोह माया है, अंत काल में पता चलेगा क्या खोया क्या पाया है। कवि शुभम तोमर ने कहा तीन रंगों का ध्वज यह हमारी जान है, वतन के लिए जीना मरना यही हमारी पहचान है। कवि विनीत मित्तल ने कहा जिन्हें आबाद होना है उन्हें आबाद कर दूंगा, मेरे भारत को मैं फिर से जिंदाबाद कर दूंगा। जिन्हें आजाद होना है करे मुलाकात मुझसे वो उन्हें बस एक गोली में मैं आजाद कर दूंगा। संचालन विनीत कवि ने किया। सम्मेलन को सफल बनानें में प्रशांत जैन, दीपक जैन, प्रधानाचार्य अर्चना, समस्त स्टाफ व श्रोताओ का योगदान रहा।
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बड़ौत। दून पब्लिक स्कूल में शनिवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया गया। सम्मेलन में कवि मणिकांत भारद्वाज ने कहा मेरे मुल्क में मेरा इतना नाम रहने दो मेरी पहचान मेरा हिंदुस्तान रहने दो। कवि अभिप्राय भारद्वाज ने कहा रुपये पैसे रिश्ते नाते यह तो सब मोह माया है, अंत काल में पता चलेगा क्या खोया क्या पाया है। कवि शुभम तोमर ने कहा तीन रंगों का ध्वज यह हमारी जान है, वतन के लिए जीना मरना यही हमारी पहचान है। कवि विनीत मित्तल ने कहा जिन्हें आबाद होना है उन्हें आबाद कर दूंगा, मेरे भारत को मैं फिर से जिंदाबाद कर दूंगा। जिन्हें आजाद होना है करे मुलाकात मुझसे वो उन्हें बस एक गोली में मैं आजाद कर दूंगा। संचालन विनीत कवि ने किया। सम्मेलन को सफल बनानें में प्रशांत जैन, दीपक जैन, प्रधानाचार्य अर्चना, समस्त स्टाफ व श्रोताओ का योगदान रहा।