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Baghpat News: भाजपा ने वेदपाल को दोबारा सौंपी जिलाध्यक्ष की कमान
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-लोकसभा चुनाव 2019 से पहले जिलाध्यक्ष बने थे वेदपाल उपाध्याय, अब दोबारा चुनाव से पहले बनाए
-चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि छपरौली के ककौर कलां के रहने वाले हैं
फोटो 12
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। भाजपा ने सूरजपाल गुर्जर को हटाकर पिछड़ा वर्ग को साधने के लिए दोबारा से वेदपाल उपाध्याय को जिलाध्यक्ष बनाया है। वेदपाल को इससे पहले ही लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले जिलाध्यक्ष बनाया गया था। अब दोबारा लोकसभा चुनाव से पहले उनको यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि छपरौली के गांव ककौर कलां के रहने वाले वेदपाल उपाध्याय को वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जिलाध्यक्ष बनाया गया था। उनको चुनाव के कुछ महीने बाद ही हटा दिया गया था। वेदपाल उपाध्याय वर्ष 2012 में भाजपा से छपरौली विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं तो उन्होंने जिला पंचायत के वार्ड छह से भी सदस्य के लिए चुनाव लड़ा था। इस बार भाजपा ने उनको छपरौली नगर पंचायत से टिकट दिया था, लेकिन वह वोटर लिस्ट में नाम न होने से नामांकन नहीं कर सके थे। इस तरह लोकसभा चुनाव से पहले वेदपाल उपाध्याय को जिलाध्यक्ष बनाकर भाजपा ने पिछड़ा वर्ग को साधने का प्रयास किया है।
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-थानेदार बदलवाने की ऑडियो हुई थी वायरल तो कई आरोप भी लगे
वर्ष 2019 में जिलाध्यक्ष बनने के बाद वेदपाल उपाध्याय की ऑडियो वायरल हो गई थी। इसमें वह जिले के दस थानों में से नौ में अपने थानेदार लगवाने की बात कर रहे थे। इसके अलावा उनपर नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लेने का आरोप भी लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की गई थी। किसान आंदोलन के दौरान हरियाणा के कुंडली में वेदपाल उपाध्याय पर हमला भी हुआ था और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई थी।
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-चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि छपरौली के ककौर कलां के रहने वाले हैं
फोटो 12
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। भाजपा ने सूरजपाल गुर्जर को हटाकर पिछड़ा वर्ग को साधने के लिए दोबारा से वेदपाल उपाध्याय को जिलाध्यक्ष बनाया है। वेदपाल को इससे पहले ही लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले जिलाध्यक्ष बनाया गया था। अब दोबारा लोकसभा चुनाव से पहले उनको यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि छपरौली के गांव ककौर कलां के रहने वाले वेदपाल उपाध्याय को वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जिलाध्यक्ष बनाया गया था। उनको चुनाव के कुछ महीने बाद ही हटा दिया गया था। वेदपाल उपाध्याय वर्ष 2012 में भाजपा से छपरौली विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं तो उन्होंने जिला पंचायत के वार्ड छह से भी सदस्य के लिए चुनाव लड़ा था। इस बार भाजपा ने उनको छपरौली नगर पंचायत से टिकट दिया था, लेकिन वह वोटर लिस्ट में नाम न होने से नामांकन नहीं कर सके थे। इस तरह लोकसभा चुनाव से पहले वेदपाल उपाध्याय को जिलाध्यक्ष बनाकर भाजपा ने पिछड़ा वर्ग को साधने का प्रयास किया है।
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-थानेदार बदलवाने की ऑडियो हुई थी वायरल तो कई आरोप भी लगे
वर्ष 2019 में जिलाध्यक्ष बनने के बाद वेदपाल उपाध्याय की ऑडियो वायरल हो गई थी। इसमें वह जिले के दस थानों में से नौ में अपने थानेदार लगवाने की बात कर रहे थे। इसके अलावा उनपर नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लेने का आरोप भी लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की गई थी। किसान आंदोलन के दौरान हरियाणा के कुंडली में वेदपाल उपाध्याय पर हमला भी हुआ था और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई थी।
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