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भारत माता की जय जबरन थोपें नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 09 Apr 2016 12:18 AM IST
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पत्रकार वार्ता करते मौलाना मोनिस
- फोटो : amar ujala
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बागपत के बड़ौत में सऊदी अरब आभा शहर की आइशा मस्जिद के मौलाना मोनिस ने कहा कि भारत माता की जय कोई बोले या न बोले, किसी पर जबरन थोपी नहीं जा सकती। जय बोलना या न बोलना, व्यक्ति का यह अपना विवेक है।
शुक्रवार को किशनपुर बराल के मदरसा अरबिया बेहुल उलूम में आयोजित जलसे से पूर्व पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि हिंदुस्तार के मुसलमान ने हमेशा हिंदुस्तान की जय बोली है। भारत माता जैसे मुद्दे को हमेशा आरएसएस और बीजेपी ने मुद्दा बनाया है। उन्होंने आतंकवाद पर बोलते हुए कहा कि आतंकवादी संगठनों का खात्मा होना चाहिए।
इसके लिए सभी देश एकजुट होकर काम करें तो आतंकवादी गतिविधियां समाप्त हो सकती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे शांति बनाए रखे और आपस में मिल जुलकर रहे। शांति रहेगी तो सभी लोग सुख चैन से जीएंगे। एक-दूसरे से प्यार करें। इससे पूर्व उन्होंने मदरसा अरबिया बेहुल उलूम में आयोजित जलसे में तकरीर की।
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कहा कि कहा कि इस्लाम प्यार और मोहब्बत का मजहब है। आह्वान किया कि मुस्लिम बिरादरी के बच्चे अच्छी तालीम लें। जलसे की सदारत करते हुए उप्र अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मुफ्ती जुल्फिकार ने कहा कि कुछ पार्टियां हिंदू और मुस्लिम को लड़ाने का काम कर रही है। हमें इससे सचेत रहना पड़ेगा। जलसे का संचालन कारी मतलूब ने किया।
इस अवसर पर उप्र अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मुफ्ती जुल्फिकार, मुफ्ती खुबेब मदनी, मुफ्ती अब्बास, मौलाना दाऊद, कारी मतलूब, मोहम्मद आरिफ मलिक, मोबिन चौधरी, मुफ्ती जाहिद उपस्थित रहे।
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शुक्रवार को किशनपुर बराल के मदरसा अरबिया बेहुल उलूम में आयोजित जलसे से पूर्व पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि हिंदुस्तार के मुसलमान ने हमेशा हिंदुस्तान की जय बोली है। भारत माता जैसे मुद्दे को हमेशा आरएसएस और बीजेपी ने मुद्दा बनाया है। उन्होंने आतंकवाद पर बोलते हुए कहा कि आतंकवादी संगठनों का खात्मा होना चाहिए।
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इसके लिए सभी देश एकजुट होकर काम करें तो आतंकवादी गतिविधियां समाप्त हो सकती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे शांति बनाए रखे और आपस में मिल जुलकर रहे। शांति रहेगी तो सभी लोग सुख चैन से जीएंगे। एक-दूसरे से प्यार करें। इससे पूर्व उन्होंने मदरसा अरबिया बेहुल उलूम में आयोजित जलसे में तकरीर की।
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कहा कि कहा कि इस्लाम प्यार और मोहब्बत का मजहब है। आह्वान किया कि मुस्लिम बिरादरी के बच्चे अच्छी तालीम लें। जलसे की सदारत करते हुए उप्र अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मुफ्ती जुल्फिकार ने कहा कि कुछ पार्टियां हिंदू और मुस्लिम को लड़ाने का काम कर रही है। हमें इससे सचेत रहना पड़ेगा। जलसे का संचालन कारी मतलूब ने किया।
इस अवसर पर उप्र अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मुफ्ती जुल्फिकार, मुफ्ती खुबेब मदनी, मुफ्ती अब्बास, मौलाना दाऊद, कारी मतलूब, मोहम्मद आरिफ मलिक, मोबिन चौधरी, मुफ्ती जाहिद उपस्थित रहे।