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.......तेरी भक्ति का मुझपे हुआ ये असर है जिधर देखता हूं तू ही आता नजर
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बड़ौत के श्री अजीतनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में दशलक्षणधर्म पर्व के सातवें दिन पूजा करती जैन श्रद्घ?
- फोटो : BARAUT
दशलक्षण धर्म के सातवें दिन उत्तम तप धर्म मनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। दशलक्षण पर्व के सातवें दिन बृहस्पतिवार को जैन श्रद्धालुओं ने विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। वहीं, मंदिरों में धूप चढ़ाकर उत्तम तप धर्म को अंगीकार किया। इसके उपरांत संगीतकार अनुपमा जैन ग्वालियर ने भजन बरसा दाता सुख बरसा, आंगन आंगन सुख बरसा पेशकर श्रद्धालुओं झूमने को मजबूर कर दिया।
श्री 1008 अजितनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर मंडी में धूप दशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। जैन श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में धूप चढ़ाई गई। उत्तम तप धर्म का पूजन किया गया। यहां श्री चौसठ ऋद्धि विधान का आयोजन किया गया। इंद्रगणों ने दिव्य मंत्रों से जिनेंद्र भगवान की मूर्ति का प्रासुक जल से अभिषेक किया। शांतिधारा का सौभाग्य सौधर्म इंद्र सौरभ जैन को प्राप्त हुआ। नित्य नियम पूजन में समुच्चय पूजन, दशलक्षण पूजन, सोलहकारण पूजन, शांतिनाथ भगवान पूजन और नंदीश्वर दीप की पूजन किया गया।
श्री चौसठ ऋद्धि विधान की पूजन में सौधर्म इंद्र सौरभ जैन द्वारा जिनेंद्र भगवान की अष्ट द्रव्यों से पूजन किया। मंडल पर 108 अर्घ्य समर्पित किए गए। पंडित चंद्रप्रकाश ग्वालियर ने कहा कि इच्छाओं का निरोध, उन पर अंकुश लगाकर शुभ की ओर परिवर्तित करना तप है। विधान में मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, अमित, अरुण, संजय, अशोक जैन, अनिल जैन, इंद्राणी, त्रिशला, रश्मि, डिंपल, सरला उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि शुक्रवार को मंदिर में भक्तामर विधान का आयोजन किया जाएगा। 19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।
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श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर में तेरह द्वीप महामंडल विधान अंतर्गत पंडित नेमचंद जैन के निर्देशन में श्रीजी का प्रक्षालन अभिषेक व सौधर्म इंद्र सतेंद्र जैन, कुबेर इंद्र अमित जैन, यज्ञ नायक ऋषभ जैन, महेंद्र इंद्र अतिशय व ललित जैन, तुषार जैन, राजीव जैन सार्थक द्वारा शांतिधारा की गई। तेरहद्वीप महामंडल विधान में मंदिर मेरू के षोडस रूपाचल, भरत ऐरावत क्षेत्र षड कुलाचल की पूजा में 40 अर्घ्य अर्पित किए। मीडिया प्रभारी आदिश जैन ने बताया कि सायंकाल के समय श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर भजन संध्या हुई। इसके बाद प्रदीप जैन (नंगला वाले) व हिमांशु जैन के भजनों पर श्रद्धालु झूमने लगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। दशलक्षण पर्व के सातवें दिन बृहस्पतिवार को जैन श्रद्धालुओं ने विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। वहीं, मंदिरों में धूप चढ़ाकर उत्तम तप धर्म को अंगीकार किया। इसके उपरांत संगीतकार अनुपमा जैन ग्वालियर ने भजन बरसा दाता सुख बरसा, आंगन आंगन सुख बरसा पेशकर श्रद्धालुओं झूमने को मजबूर कर दिया।
श्री 1008 अजितनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर मंडी में धूप दशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। जैन श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में धूप चढ़ाई गई। उत्तम तप धर्म का पूजन किया गया। यहां श्री चौसठ ऋद्धि विधान का आयोजन किया गया। इंद्रगणों ने दिव्य मंत्रों से जिनेंद्र भगवान की मूर्ति का प्रासुक जल से अभिषेक किया। शांतिधारा का सौभाग्य सौधर्म इंद्र सौरभ जैन को प्राप्त हुआ। नित्य नियम पूजन में समुच्चय पूजन, दशलक्षण पूजन, सोलहकारण पूजन, शांतिनाथ भगवान पूजन और नंदीश्वर दीप की पूजन किया गया।
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श्री चौसठ ऋद्धि विधान की पूजन में सौधर्म इंद्र सौरभ जैन द्वारा जिनेंद्र भगवान की अष्ट द्रव्यों से पूजन किया। मंडल पर 108 अर्घ्य समर्पित किए गए। पंडित चंद्रप्रकाश ग्वालियर ने कहा कि इच्छाओं का निरोध, उन पर अंकुश लगाकर शुभ की ओर परिवर्तित करना तप है। विधान में मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, अमित, अरुण, संजय, अशोक जैन, अनिल जैन, इंद्राणी, त्रिशला, रश्मि, डिंपल, सरला उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि शुक्रवार को मंदिर में भक्तामर विधान का आयोजन किया जाएगा। 19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।
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श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर में तेरह द्वीप महामंडल विधान अंतर्गत पंडित नेमचंद जैन के निर्देशन में श्रीजी का प्रक्षालन अभिषेक व सौधर्म इंद्र सतेंद्र जैन, कुबेर इंद्र अमित जैन, यज्ञ नायक ऋषभ जैन, महेंद्र इंद्र अतिशय व ललित जैन, तुषार जैन, राजीव जैन सार्थक द्वारा शांतिधारा की गई। तेरहद्वीप महामंडल विधान में मंदिर मेरू के षोडस रूपाचल, भरत ऐरावत क्षेत्र षड कुलाचल की पूजा में 40 अर्घ्य अर्पित किए। मीडिया प्रभारी आदिश जैन ने बताया कि सायंकाल के समय श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर भजन संध्या हुई। इसके बाद प्रदीप जैन (नंगला वाले) व हिमांशु जैन के भजनों पर श्रद्धालु झूमने लगे।