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नववर्ष में अपनी कमियों को दूर करें प्राणी
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बड़ौत (बागपत)। गुप्ति सागर महाराज ने कहा कि नववर्ष सभी को अपनी कमियों को दूर करना है। तभी हमारा यह साल सार्थक सिद्ध होगा।
वे बुधवार को दिगंबर जैन अतिथि भवन में नववर्ष के उपलक्ष्य में धर्मसभा में बोल रहे थे। धर्मसभा का शुभारंभ मंगलाचरण से किया। उपाध्याय गुप्ति सागर महाराज ने कहा कि आज नये वर्ष का प्रथम दिन है । इस वर्ष में हम सभी को अपनी कमजोरियों को दूर करना है। संसारी प्राणी की सबसे बड़ी कमजोरी है, उसका क्रोध। क्रोध में आकर वह दूसरे का तो बुरा करता ही है, पर उस से ज्यादा वह खुद का बुरा करता है। चाहे वह आर्थिक हो या शारीरिक। सब प्रतिज्ञा करें इस नए वर्ष में वह क्रोध व अहंकार रूपी कमजोरियों को दूर करेंगे, क्योंकि अहंकार तो सर्प के विष से भी ज्यादा घातक है। जिस भी प्राणी में अहंकार आ गया, समझो उसके पतन का उसके विनाश का समय करीब आ गया प्राणी अहंकार के वशीभूत होकर भगवान तक को भूल जाता है।
उपाध्याय महाराज ने भक्तों को अपना मंगल आशीर्वाद दिया। संचालन अमित जैन ने किया। इसमें पंकज जैन, अजय, अनिल, सुखमाल, कमल, राज कुमार, सिद्धार्थ, आदिश, कृष्णा, सुषमा, मोनिका, पूजा, दीपा आदि रहे। सायंकाल के समय नये वर्ष पर विशेष गुरु भक्ति हुई। इसमें अनुज जैन पारस, संदीप ,विकास, प्रदीप आदि ने भजनों के माध्यम से गुरु महिमा का वर्णन किया।
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वे बुधवार को दिगंबर जैन अतिथि भवन में नववर्ष के उपलक्ष्य में धर्मसभा में बोल रहे थे। धर्मसभा का शुभारंभ मंगलाचरण से किया। उपाध्याय गुप्ति सागर महाराज ने कहा कि आज नये वर्ष का प्रथम दिन है । इस वर्ष में हम सभी को अपनी कमजोरियों को दूर करना है। संसारी प्राणी की सबसे बड़ी कमजोरी है, उसका क्रोध। क्रोध में आकर वह दूसरे का तो बुरा करता ही है, पर उस से ज्यादा वह खुद का बुरा करता है। चाहे वह आर्थिक हो या शारीरिक। सब प्रतिज्ञा करें इस नए वर्ष में वह क्रोध व अहंकार रूपी कमजोरियों को दूर करेंगे, क्योंकि अहंकार तो सर्प के विष से भी ज्यादा घातक है। जिस भी प्राणी में अहंकार आ गया, समझो उसके पतन का उसके विनाश का समय करीब आ गया प्राणी अहंकार के वशीभूत होकर भगवान तक को भूल जाता है।
उपाध्याय महाराज ने भक्तों को अपना मंगल आशीर्वाद दिया। संचालन अमित जैन ने किया। इसमें पंकज जैन, अजय, अनिल, सुखमाल, कमल, राज कुमार, सिद्धार्थ, आदिश, कृष्णा, सुषमा, मोनिका, पूजा, दीपा आदि रहे। सायंकाल के समय नये वर्ष पर विशेष गुरु भक्ति हुई। इसमें अनुज जैन पारस, संदीप ,विकास, प्रदीप आदि ने भजनों के माध्यम से गुरु महिमा का वर्णन किया।
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