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बैंक शाखा पर लगाया आठ हजार रुपये का जुर्माना
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उपभोक्ता फोरम ने दिए जुर्माने के साथ आठ फीसदी वार्षिक ब्याज का भुगतान करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। खाते में धनराशि होने के बावजूद स्थानांतरित न करने पर जिला उपभोक्ता न्यायालय ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मीतली शाखा पर वादी का मानसिक हनन व वाद दायर व्यय सहित आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने बैंक शाखा प्रबंधक को भुगतान किए जाने की तिथि तक वादी को आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान करने के निर्देश दिए है।
गांव मीतली के सहदेव सिंह ने बताया कि वह गांव के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और सहकारी बैंक लिमिटेड अग्रवाल मंडी की शाखा का उपभोक्ता है। उसके सेेंट्रल बैंक के खाते में एक दिसंबर 2018 को 13719.76 रुपये की धनराशि थी। उसने पांच दिसंबर 2018 को सेंट्रल बैंक का 13 हजार रुपये का एक चेक सहकारी बैंक की शाखा में जमा किया था। खाते में धनराशि होने के बावजूद सेंट्रल बैंक शाखा ने धनराशि अपर्याप्त होना बताते हुए चेक वापस कर दिया। उन्होंने चार जनवरी 2019 को एडवोकेट अजय शंकर के माध्यम से बैंक शाखा को 15 दिन में चेक की धनराशि उसके खाते में जमा करने का नोटिस भेजा था। बैंक शाखा द्वारा धनराशि स्थानांतरित नहीं किए जाने पर उसने उपभोक्ता फोरम में शाखा के खिलाफ वाद दायर किया। नोटिस जारी होने के बाद भी बैंक शाखा की ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। 17 दिसंबर 2020 को उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष रामकरण, महिला सदस्य मीताली जैन व सामान्य सदस्य राजीव कुमार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मीतली शाखा शाखा को वादी को 13 हजार रुपये प्रदान करने व मानसिक क्षति के लिए पांच हजार रुपये व वाद दायर करने में व्यय हुए तीन हजार रुपये सहित 21 हजार रुपये का भुगतान करने के निर्देश दिए है। न्यायालय ने बैंक शाखा को वादी को भुगतान किए जाने की तिथि तक आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान भी करने के निर्देश दिए है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। खाते में धनराशि होने के बावजूद स्थानांतरित न करने पर जिला उपभोक्ता न्यायालय ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मीतली शाखा पर वादी का मानसिक हनन व वाद दायर व्यय सहित आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने बैंक शाखा प्रबंधक को भुगतान किए जाने की तिथि तक वादी को आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान करने के निर्देश दिए है।
गांव मीतली के सहदेव सिंह ने बताया कि वह गांव के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और सहकारी बैंक लिमिटेड अग्रवाल मंडी की शाखा का उपभोक्ता है। उसके सेेंट्रल बैंक के खाते में एक दिसंबर 2018 को 13719.76 रुपये की धनराशि थी। उसने पांच दिसंबर 2018 को सेंट्रल बैंक का 13 हजार रुपये का एक चेक सहकारी बैंक की शाखा में जमा किया था। खाते में धनराशि होने के बावजूद सेंट्रल बैंक शाखा ने धनराशि अपर्याप्त होना बताते हुए चेक वापस कर दिया। उन्होंने चार जनवरी 2019 को एडवोकेट अजय शंकर के माध्यम से बैंक शाखा को 15 दिन में चेक की धनराशि उसके खाते में जमा करने का नोटिस भेजा था। बैंक शाखा द्वारा धनराशि स्थानांतरित नहीं किए जाने पर उसने उपभोक्ता फोरम में शाखा के खिलाफ वाद दायर किया। नोटिस जारी होने के बाद भी बैंक शाखा की ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। 17 दिसंबर 2020 को उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष रामकरण, महिला सदस्य मीताली जैन व सामान्य सदस्य राजीव कुमार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मीतली शाखा शाखा को वादी को 13 हजार रुपये प्रदान करने व मानसिक क्षति के लिए पांच हजार रुपये व वाद दायर करने में व्यय हुए तीन हजार रुपये सहित 21 हजार रुपये का भुगतान करने के निर्देश दिए है। न्यायालय ने बैंक शाखा को वादी को भुगतान किए जाने की तिथि तक आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान भी करने के निर्देश दिए है।
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