{"_id":"652e9f73b4f6b6bf43055f16","slug":"bamnaulis-gangster-sentenced-to-three-years-baghpat-news-c-28-1-smrt1010-6320-2023-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: बामनौली के गैंगस्टर को तीन साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: बामनौली के गैंगस्टर को तीन साल की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बामनौली गांव के एक गैंगस्टर को न्यायालय ने तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही उसपर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल नेहरा और विशेष लोक अभियोजक दीपक शर्मा और इंद्रपाल सिंह ने बताया कि दोघट थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी रनवीर सिंह यादव ने वर्ष 2015 में गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इसमें सचिन, धीरुद्दीन, अर्जुन उर्फ देवा, शुभम् निवासी बामनौली और कृष्णपाल, पिंटू को आरोपी बनाया था। इसमें पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था, जिसमें गैंगस्टर अर्जुन उर्फ देवा की मौत हो गई। शुभम् की पत्रावली की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय एफटीसी प्रथम में हुई, जहां सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश पवन कुमार राय ने गैंगस्टर शुभम को तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 15 दिन की सजा बढ़ाने के आदेश दिए।
विज्ञापन
बागपत। बामनौली गांव के एक गैंगस्टर को न्यायालय ने तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही उसपर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल नेहरा और विशेष लोक अभियोजक दीपक शर्मा और इंद्रपाल सिंह ने बताया कि दोघट थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी रनवीर सिंह यादव ने वर्ष 2015 में गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इसमें सचिन, धीरुद्दीन, अर्जुन उर्फ देवा, शुभम् निवासी बामनौली और कृष्णपाल, पिंटू को आरोपी बनाया था। इसमें पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था, जिसमें गैंगस्टर अर्जुन उर्फ देवा की मौत हो गई। शुभम् की पत्रावली की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय एफटीसी प्रथम में हुई, जहां सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश पवन कुमार राय ने गैंगस्टर शुभम को तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 15 दिन की सजा बढ़ाने के आदेश दिए।