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परीक्षा में फर्जीवाड़े से अच्छे परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा
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बागपत। यूपी बोर्ड की किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़े गए युवक की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देगा तो इससे परीक्षा की सुचिता प्रभावित होगी। इस तरह परीक्षा में फर्जीवाड़े से अच्छे परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार के अनुसार यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जनता वैदिक इंटर कॉलेज बड़ौत के केंद्र व्यवस्थापक बनाए गए डॉ. यशपाल शास्त्री ने नौ अप्रैल को बड़ौत थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि प्रथम पाली मेें हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा हो रही थी। उनको चेकिंग के दौरान अर्पित तोमर की जगह सचिन कुमार व युगांधर चौधरी की जगह अंकित कुमार परीक्षा देते मिले। उन दोनों को पकडक़र पुलिस के हवाले कर दिया था। इस मामले में कई अन्य को बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें अंकित कुमार निवासी गांगनौली की जमानत याचिका दायर की गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार ने उसकी मामले में संलिप्तता की स्थिति को देख टिप्पणी करते हुए उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार के अनुसार यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जनता वैदिक इंटर कॉलेज बड़ौत के केंद्र व्यवस्थापक बनाए गए डॉ. यशपाल शास्त्री ने नौ अप्रैल को बड़ौत थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि प्रथम पाली मेें हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा हो रही थी। उनको चेकिंग के दौरान अर्पित तोमर की जगह सचिन कुमार व युगांधर चौधरी की जगह अंकित कुमार परीक्षा देते मिले। उन दोनों को पकडक़र पुलिस के हवाले कर दिया था। इस मामले में कई अन्य को बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें अंकित कुमार निवासी गांगनौली की जमानत याचिका दायर की गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार ने उसकी मामले में संलिप्तता की स्थिति को देख टिप्पणी करते हुए उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
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