{"_id":"67fb9697af402a39270a3d01","slug":"baghpat-wedding-is-at-night-bride-sitting-on-dharna-in-the-afternoon-with-henna-decorated-on-her-hands-2025-04-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Baghpat: रात को है शादी, हाथों पर मेंहदी सजाए दोपहर को धरने पर बैठी दुल्हन, जानें क्या है मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat: रात को है शादी, हाथों पर मेंहदी सजाए दोपहर को धरने पर बैठी दुल्हन, जानें क्या है मामला
Sun, 13 Apr 2025 04:20 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sun, 13 Apr 2025 04:20 PM IST
सार
बिजरौल-जलालपुर गांव के बीच एनएचएआई पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाते हुए दुल्हन वंशिका धरने पर बैठ गई। विरोध को देखते हुए अधिकारी फिलहाल लौट गए। रविवार रात को ही अंशिका की शादी है, मगर शाम तक परिवार धरने पर डटा था।
विज्ञापन
धरने पर बैठी दुल्हन वंशिका।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपनी जमीन पर जबरन कब्जे का आरोप लगाते हुए दुल्हन वंशिका अपने परिवार के साथ धरने पर बैठ गई। रविवार रात को ही उसकी शादी होनी है। विरोध को देखते हुए फिलहाल एनएचएआई की टीम लौट गई, मगर परिवार शाम तक धरने पर डटा रहा।
विज्ञापन
बड़ौत शहर कोतवाली क्षेत्र के बिजरौल-जलालपुर गांव के बीच यशपाल पुत्र बलवान सिंह की एक बीघा जमीन है। बताया गया कि दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर निर्माण में इस जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। यशपाल और उनकी पुत्री वंशिका का आरोप है कि इस जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है, इसमें उनकी सहमति नहीं है। बताया कि तीन साल पहले उनकी कुछ जमीन ली जा चुकी है। अब इस बची हुई एक बीघा जमीन पर गेहूं की फसल बो रखी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को वंशिका की शादी मुजफ्फरनगर के आदित्य के साथ होनी है। रात का प्रोग्राम है। दिन में पता चला कि एनएचएआई के अफसर उनकी जमीन पर कब्जा लेने के लिए पहुंच गए। इसके बाद वंशिका और पूरा परिवार मौके पर पहुंचा और विरोध कर दिया। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर पुल के नीचे परिवार के साथ वंशिका धरने पर बैठ गई। कहा कि वे अपनी जमीन पर जबरन कब्जा नहीं होने देंगे। विरोध को देखते हुए फिलहाल अफसर वापस लौट गए। परिवार शाम तक धरने पर डटा था।