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Baghpat: 'बाहर भागो, मकान ढह रहा है', मगर बच नहीं पाए और मलबे में दब गए छह लोग, नौ मवेशियों की मौत
Wed, 02 Jul 2025 01:13 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Wed, 02 Jul 2025 01:13 AM IST
सार
जिले में बारिश के कारण खेड़ा इस्लामपुर में दो मकान गिर गए। 22 मवेशी और दो बच्चों समेत छह लोग दब गए। ग्रामीणों ने घायलों को निकालकर अस्पताल भेजा। एक बच्चे की हालत गंभीर है।
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बारिश के कारण गिरा मकान।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले में तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से खेड़ा इस्लामपुर गांव में मंगलवार सुबह दो मकान भरभराकर गिर गए। मलबे में 22 मवेशी और दो बच्चों समेत छह लोग दब गए। इनमें नौ मवेशियों की मौत हो गई, जबकि 13 घायल हो गए। उधर, ग्रामीणों ने मलबे में दबे घायलों को निकलवाकर जिला अस्पताल में उपचार कराया, जहां एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर मेरठ रेफर कर दिया गया।
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मलबे में दबे पशु।
- फोटो : अमर उजाला
खेड़ा इस्लामपुर गांव निवासी यादराम ने बताया कि उसके भतीजे नरेश ने दो मंजिला मकान बनाया हुआ था। इसमें नीचे डेयरी के लिए मवेशी बांध रखे थे। बताया कि मंगलवार सुबह सात बजे नरेश के बेटे गौरव, सनी, पड़ोसी रोशन प्रजापति, नौकर मंगल दूध निकाल रहे थे, तभी दो मंजिला मकान भरभराकर गिरने लगा। इससे परिवार वाले भयभीत हो गए। परिवार के नौ सदस्य किसी तरह भागकर बाहर निकले, तभी मकान भरभराकर गिर गया।
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मौके पर एकत्र लोग।
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में गौरव, सनी, रोशन, मंगल, एक बच्चा और 21 मवेशी मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला। नरेश के मकान में दबे 21 मवेशियों में से आठ की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल मवेशियों को बाहर निकाल लिया गया। इसके अलावा बराबर में ओमशरण हलवाई के मकान का एक कमरा भी भरभराकर गिर गया, जिसमें एक मवेशी की मौत हो गई। वहीं मलबे में दबने से एक बच्चा घायल हो गया। ओमशरण के पूरे मकान की दीवारों में दरारें भी आ गईं।
मलबे से निकाले गए युवक।
- फोटो : अमर उजाला
राहत बचाव कार्य में देरी पर भड़के ग्रामीण
खेड़ा इस्लामपुर गांव में दो मकान गिरने के बाद ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने पुलिस व प्रशासन पर राहत कार्य में देरी बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया। यादराम ने बताया कि तीन घंटे बाद भी बचाव करने के लिए कोई नहीं आया। उधर, हंगामे के बाद एनडीआरएफ की टीम ने कई घंटे अभियान चलाया। इस दौरान मृत और घायल मवेशी बाहर निकाले गए।
खेड़ा इस्लामपुर गांव में दो मकान गिरने के बाद ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने पुलिस व प्रशासन पर राहत कार्य में देरी बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया। यादराम ने बताया कि तीन घंटे बाद भी बचाव करने के लिए कोई नहीं आया। उधर, हंगामे के बाद एनडीआरएफ की टीम ने कई घंटे अभियान चलाया। इस दौरान मृत और घायल मवेशी बाहर निकाले गए।
मलबे से परिवार को बाहर निकालने पहुंच गया पूरा गांव
खेड़ा इस्लामपुर गांव में मकान गिरने से यादराम का परिवार मुसीबतों में दब गया। दो मंजिला मकान के मलबे के नीचे दबे युवकों और मवेशियों को बाहर निकालने के लिए पूरा गांव वहां पहुंच गया। ग्रामीण एनडीआरएफ की टीम का इंतजार करने के बजाय खुद ही बचाव कार्य में जुट गए। मकान में दबे सभी मवेशी बाहर निकाले जाने तक ग्रामीण वहां डटे रहे।
खेड़ा इस्लामपुर गांव में मकान गिरने से यादराम का परिवार मुसीबतों में दब गया। दो मंजिला मकान के मलबे के नीचे दबे युवकों और मवेशियों को बाहर निकालने के लिए पूरा गांव वहां पहुंच गया। ग्रामीण एनडीआरएफ की टीम का इंतजार करने के बजाय खुद ही बचाव कार्य में जुट गए। मकान में दबे सभी मवेशी बाहर निकाले जाने तक ग्रामीण वहां डटे रहे।
गौरव बोला, बचने के लिए भागे, लेकिन एकदम ढह गया पूरा मकान
हादसे के चश्मदीद गौरव ने बताया कि वह अपने भाई सनी, पड़ोसी रोशन, नौकर मंगल के साथ दूध निकाल रहा था, तभी मकान की दीवारे हिलने लगी। उन्हें मकान गिरने का अंदेशा हुआ तो शोर मचाकर भागने लगे, तभी एकदम पूरा मकान ढह गया। इसमें चारों मलबे के नीचे दब गए, जबकि परिवार वालों ने किसी तरह भागकर जान बचाई।
हादसे के चश्मदीद गौरव ने बताया कि वह अपने भाई सनी, पड़ोसी रोशन, नौकर मंगल के साथ दूध निकाल रहा था, तभी मकान की दीवारे हिलने लगी। उन्हें मकान गिरने का अंदेशा हुआ तो शोर मचाकर भागने लगे, तभी एकदम पूरा मकान ढह गया। इसमें चारों मलबे के नीचे दब गए, जबकि परिवार वालों ने किसी तरह भागकर जान बचाई।
पीड़ित परिवारों को मिलेगा 3.85 लाख रुपये मुआवजा
खेड़ा इस्लामपुर गांव में हादसा होने के बाद छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार ने दुख जताया और परिवार को अर्थिक मदद दिलाने की बात कही। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर, राष्ट्र वन्दना मिशन के जिला संयोजक देवेंद्र आर्य ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने नुकसान की भरपाई कराने की मांग की।
खेड़ा इस्लामपुर गांव में हादसा होने के बाद छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार ने दुख जताया और परिवार को अर्थिक मदद दिलाने की बात कही। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर, राष्ट्र वन्दना मिशन के जिला संयोजक देवेंद्र आर्य ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने नुकसान की भरपाई कराने की मांग की।
उधर, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सुभाष चंद कश्यप ने खेड़ा हटाना गांव में हुए हादसे पर शोक जताया। साथ ही बारिश से मकान गिरने पर पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। वहीं हादसा होने के बाद अफसरों ने वहां पहुंचकर जांच पड़ताल की। नौ पशुओं की मौत और मकान गिरने से हुए नुकसान का आंकलन करने के बाद अफसरों ने उच्चाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट दी। इसके बाद अफसरों ने पीडि़तों के लिए 3.85 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की।
डीएम ने ये कहा
खेड़ा इस्लामपुर गांव में हुए हादसे में घायलों का उपचार कराया गया। इसमें नुकसान का आकलन कर लिया गया है। पीड़ितों को 3.85 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।
- अस्मिता लाल, डीएम
खेड़ा इस्लामपुर गांव में हुए हादसे में घायलों का उपचार कराया गया। इसमें नुकसान का आकलन कर लिया गया है। पीड़ितों को 3.85 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।
- अस्मिता लाल, डीएम