इंसाफ: बच्ची को ईंट भट्ठे से अगवाकर बनाया हवस का शिकार, आरोपी को सुनाई 25 साल की सजा
उत्तर प्रदेश के बागपत में बच्ची से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 25 साल की सजा सुनाई है। यही नहीं आरोपी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल की सजा और बढ़ाई जाएगी।
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विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट नरेंद्र पंवार और नरेश वेदवान ने बताया कि आठ वर्षीय बच्ची अपने दादा-दादी के साथ क्षेत्र के एक गांव के ईंट भट्ठे पर रहती थी, जबकि उसके माता पिता पंजाब में काम करते थे। 21 मार्च 2021 की रात में बच्ची अपने दादा दादी के पास ईंट भट्ठे पर सोई हुई थी। तभी ईंट भट्ठे पर ही रहने वाला महताब निवासी सोरम जनपद मुजफ्फरनगर बच्ची को उठाकर एक नलकूप पर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने महताब के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एडीजे पंचम पॉक्सो कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई हुई। बुधवार को महताब पर दोष सिद्ध कर दिया था। जिसमें बृहस्पतिवार को न्यायाधीश सुशील कुमार ने महताब को 25 साल की सजा और 35 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
दादा-दादी ने दुष्कर्मी के पक्ष में दी गवाही
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पंवार और नरेश वेदवान ने बताया कि मुकदमे मे दस गवाह पेश किये गये। जिसमें पीड़िता के दादा और दादी ने दुष्कर्म करने वाले के पक्ष में गवाही दी। जिस पर पीड़िता के दादा और दादी को नोटिस जारी कर वाद दर्ज करने के आदेश दिए गए है।
गवाह मुकरे तो विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट बनी आधार
बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में सुनवाई के दौरान उसके दादा-दादी के साथ ही अन्य तीन गवाह अपने बयान से मुकर गए। उन सभी ने यह जरूर कहा कि बच्ची गायब हो गई थी, लेकिन कौन लेकर गया और उसके साथ क्या हुआ। इस बारे में कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया। लेकिन विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट को आधार बनाया गया और सजा सुनाई गई।