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...बाबा तेरे चरणों की धूल जो मिल जाए
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48 दिवसीय भक्तामर पाठ श्रृंखला का विधि विधान के साथ समापन
जैन श्रद्धालुओं ने लिया उत्साहपूर्वक भाग
बड़ौत। श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर नेहरू रोड में पार्श्वनाथ मंदिर कमेटी एवं राजा श्रीयांश महिला आहार समिति के तत्वावधान में चल रहे 48 दिवसीय श्री भक्तामर पाठ श्रृंखला का शनिवार को विधि विधान के साथ धूमधाम से समापन हो गया।
समापन अवसर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ श्री आदिनाथ भगवान के समक्ष दीप जलाकर किया। इसके बाद संगीत की मधुर ध्वनियां के साथ संस्कृत में श्री भक्तामर पाठ किया। एक-एक श्लोक के बाद स्वस्तिक पर एक-एक कर चांदी के 48 दीपक स्थापित किए और चांदी के 48 दीपक से भगवान आदिनाथ की आरती की गए। इस अवसर पर भजनों का विशेष कार्यक्रम भी किया। इसमें सतीश जैन ने महामंत्र ण्मोकार से कार्यक्रम शुरू किया। प्रदीप जैन द्वारा गाए भजन उंगली पकड़ मेरी मुझे रास्ता दिखाते हैं, भजन पर भक्त भाव विभोर होकर झूमने लगे। शुभम जैन द्वारा बाबा तेरे चरणों की धूल जो मिल जाए भजन प्रस्तुत किया। कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। भगवान आदिनाथ की आरती और भक्ताभर की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन किया। इसमें गीता, अनिता, उषा, सुदेश, मनीषा, पुष्पा सुनीता, कौशल, सतेंद्र, अनिल, अभिनंदन, सुभाष, रवि, प्रदीप, आदिश जैन आदि रहे।
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जैन श्रद्धालुओं ने लिया उत्साहपूर्वक भाग
बड़ौत। श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर नेहरू रोड में पार्श्वनाथ मंदिर कमेटी एवं राजा श्रीयांश महिला आहार समिति के तत्वावधान में चल रहे 48 दिवसीय श्री भक्तामर पाठ श्रृंखला का शनिवार को विधि विधान के साथ धूमधाम से समापन हो गया।
समापन अवसर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ श्री आदिनाथ भगवान के समक्ष दीप जलाकर किया। इसके बाद संगीत की मधुर ध्वनियां के साथ संस्कृत में श्री भक्तामर पाठ किया। एक-एक श्लोक के बाद स्वस्तिक पर एक-एक कर चांदी के 48 दीपक स्थापित किए और चांदी के 48 दीपक से भगवान आदिनाथ की आरती की गए। इस अवसर पर भजनों का विशेष कार्यक्रम भी किया। इसमें सतीश जैन ने महामंत्र ण्मोकार से कार्यक्रम शुरू किया। प्रदीप जैन द्वारा गाए भजन उंगली पकड़ मेरी मुझे रास्ता दिखाते हैं, भजन पर भक्त भाव विभोर होकर झूमने लगे। शुभम जैन द्वारा बाबा तेरे चरणों की धूल जो मिल जाए भजन प्रस्तुत किया। कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। भगवान आदिनाथ की आरती और भक्ताभर की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन किया। इसमें गीता, अनिता, उषा, सुदेश, मनीषा, पुष्पा सुनीता, कौशल, सतेंद्र, अनिल, अभिनंदन, सुभाष, रवि, प्रदीप, आदिश जैन आदि रहे।
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