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Baghpat News: आठ महीने बाद आयुष विंग को मिली दवाई
Sat, 04 Mar 2023 10:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sat, 04 Mar 2023 10:37 AM IST
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बागपत। शासन ने आठ महीने बाद आयुष विंग में दवाइयां भिजवा दी हैं। दवाइयों की कमी के कारण विंग में एलोपैथिक और घरेलू नुस्खों ने लोगों का इलाज कराया जा रहा था।
जिला अस्पताल में आयुष विंग में आठ महीने से दवाई की सप्लाई नहीं हुई थी। दवाइयों की कमी के कारण वहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग की ओर से कई बार शासन को दवाई की मांग भेजी गई थी, मगर दवाइयों की सप्लाई न होने के कारण विंग में एलोपैथिक दवाई से इलाज कराया जा रहा था। शासन से विंग को दवाइयों की सप्लाई कर दी हैं।
सीएमओ डाॅ. दिनेश सिंह ने बताया कि पहले उनके स्तर से दवाइयों की सप्लाई की जाती थी, मगर इस बार विंग की दवाइयों के लिए स्वास्थ्य विभाग को बजट जारी नहीं किया और न ही दवाइयों की सप्लाई की गई।
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दवाइयां खत्म होने के कारण मरीजों की जांच कर बिना दवाई के ही वापस भेजा जा रहा था। दवाइयों की कमी के कारण विंग में ओपीडी भी कम हो गई थी। अब शासन स्तर से सभी प्रकार कर दवाइयां उपलब्ध करा दी हैं।
इन दवा की थी सबसे अधिक मांग
मौसम में बदलाव आने के कारण सबसे अधिक डायरिया, एलर्जी, खांसी की दवाई के अलावा लवण भास्कर चूर्ण, अविपतिकार चूर्ण, शीतोपलादि चूर्ण की भी मांग बढ़ रही थी। कुटगंज वटी, सिसटोन, मोडसोमीन गोली, ब्रह्मीप्लस चूर्ण की सबसे अधिक मांग थी।
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जिला अस्पताल में आयुष विंग में आठ महीने से दवाई की सप्लाई नहीं हुई थी। दवाइयों की कमी के कारण वहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग की ओर से कई बार शासन को दवाई की मांग भेजी गई थी, मगर दवाइयों की सप्लाई न होने के कारण विंग में एलोपैथिक दवाई से इलाज कराया जा रहा था। शासन से विंग को दवाइयों की सप्लाई कर दी हैं।
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सीएमओ डाॅ. दिनेश सिंह ने बताया कि पहले उनके स्तर से दवाइयों की सप्लाई की जाती थी, मगर इस बार विंग की दवाइयों के लिए स्वास्थ्य विभाग को बजट जारी नहीं किया और न ही दवाइयों की सप्लाई की गई।
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दवाइयां खत्म होने के कारण मरीजों की जांच कर बिना दवाई के ही वापस भेजा जा रहा था। दवाइयों की कमी के कारण विंग में ओपीडी भी कम हो गई थी। अब शासन स्तर से सभी प्रकार कर दवाइयां उपलब्ध करा दी हैं।
इन दवा की थी सबसे अधिक मांग
मौसम में बदलाव आने के कारण सबसे अधिक डायरिया, एलर्जी, खांसी की दवाई के अलावा लवण भास्कर चूर्ण, अविपतिकार चूर्ण, शीतोपलादि चूर्ण की भी मांग बढ़ रही थी। कुटगंज वटी, सिसटोन, मोडसोमीन गोली, ब्रह्मीप्लस चूर्ण की सबसे अधिक मांग थी।