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अवैध पटाखों का चल रहा खेल, निगरानी में सिस्टम फेल
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बागपत में पटाखो तैयार करती महिला का फाइल फोटो
- फोटो : BAGHPAT
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अवैध पटाखों का चल रहा खेल, निगरानी में सिस्टम फेल
बागपत। पुलिस-प्रशासन के रोक के तमाम दावों के बीच पटाखे बनाने और बेचने का कार्य चल रहा है। जिले में जगह बेरोक टोक पटाखे बनाए जा रहे हैं। कईं जगह घनी आबादी के बीच पटाखों के भंडारण है। कई जगहों पर अवैध रूप से पटाखे तैयार किए जा रहे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बड़ौत और जिवाना में अवैध पटाखों के भंडारण पकड़े जा चुके हैं। दिवाली के लिए पटाखा निर्माताओं ने अवैध कारोबार में तेजी करनी शुरू कर दी है। पटाखों को अपने घर पर या फिर घनी आबादी में चोरी छिपे बनाने के साथ ही गोदामों में बारूद एकत्रित किया जा रहा है। पुलिस से बचने के चक्कर में दिन में गोदाम में ताला लटकाकर चले जाते हैं। रात होते ही तैयार पटाखों को गोदाम में रखने लगते हैं।
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मिठाई बनाने की फैक्टरी में मिले थे पटाखे
बागपत। बड़ौत में पुलिस ने 11 अक्तूबर को बत्तीसा बनाने वाली एक फैक्ट्री में अवैध पटाखों का भंडारण पकड़ा था। फैक्टरी मालिक गौरव जैन को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 19 अक्तूबर को रमाला थाना पुलिस ने जिवाना गांव में मकान से 15 कुंतल पटाखे बरामद किए थे। नवंबर 2018 में बालैनी थाना क्षेत्र के दत्तनगर गांव से अवैध पटाखों का जखीरा पकड़ा था। 60 बोरे पटाखों को पुलिस ने नष्ट कराया था। बड़ौत, दत्तनगर और जिवाना में अवैध पटाखों की पोल खुल चुकी है।
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प्रतिबंध के बाद कहां से मिल रहा बारूद
बागपत। सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे बनाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। पहले एक लाइसेंस पर 15 किलो बारूद मिलता था, लेकिन अब प्रतिबंध के बाद पटाखे बनाने के लिए बारूद कहां से लाया जा रहा है, इस तरफ किसी भी अफसर का ध्यान नहीं है।
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ऐसे होता है पटाखों का निर्माण
बागपत। स्थानीय स्तर पर मानक से नहीं बल्कि अनुमान से बारूद भरा जाता है। मानक के विपरीत होने के कारण कभी पटाखा तेज आवाज में फटता है, तो कभी फुस्स हो जाता है। इसी कारण कई बार लोग हादसे का शिकार हो जाते है।
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पटाखों का स्टॉक रखने वालों को किया जा रहा चिह्नित
बागपत। एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने बताया कि अवैध रूप से पटाखें बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिन लोगों ने पटाखों का स्टॉक लगा रखा है, उन्हे चिन्हित किया जा रहा है। सभी थानाध्यक्षों एवं क्षेत्राधिकारियों को सख्त आदेश दिए गए है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई दुर्घटना होती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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बागपत। पुलिस-प्रशासन के रोक के तमाम दावों के बीच पटाखे बनाने और बेचने का कार्य चल रहा है। जिले में जगह बेरोक टोक पटाखे बनाए जा रहे हैं। कईं जगह घनी आबादी के बीच पटाखों के भंडारण है। कई जगहों पर अवैध रूप से पटाखे तैयार किए जा रहे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बड़ौत और जिवाना में अवैध पटाखों के भंडारण पकड़े जा चुके हैं। दिवाली के लिए पटाखा निर्माताओं ने अवैध कारोबार में तेजी करनी शुरू कर दी है। पटाखों को अपने घर पर या फिर घनी आबादी में चोरी छिपे बनाने के साथ ही गोदामों में बारूद एकत्रित किया जा रहा है। पुलिस से बचने के चक्कर में दिन में गोदाम में ताला लटकाकर चले जाते हैं। रात होते ही तैयार पटाखों को गोदाम में रखने लगते हैं।
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मिठाई बनाने की फैक्टरी में मिले थे पटाखे
बागपत। बड़ौत में पुलिस ने 11 अक्तूबर को बत्तीसा बनाने वाली एक फैक्ट्री में अवैध पटाखों का भंडारण पकड़ा था। फैक्टरी मालिक गौरव जैन को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 19 अक्तूबर को रमाला थाना पुलिस ने जिवाना गांव में मकान से 15 कुंतल पटाखे बरामद किए थे। नवंबर 2018 में बालैनी थाना क्षेत्र के दत्तनगर गांव से अवैध पटाखों का जखीरा पकड़ा था। 60 बोरे पटाखों को पुलिस ने नष्ट कराया था। बड़ौत, दत्तनगर और जिवाना में अवैध पटाखों की पोल खुल चुकी है।
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प्रतिबंध के बाद कहां से मिल रहा बारूद
बागपत। सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे बनाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। पहले एक लाइसेंस पर 15 किलो बारूद मिलता था, लेकिन अब प्रतिबंध के बाद पटाखे बनाने के लिए बारूद कहां से लाया जा रहा है, इस तरफ किसी भी अफसर का ध्यान नहीं है।
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ऐसे होता है पटाखों का निर्माण
बागपत। स्थानीय स्तर पर मानक से नहीं बल्कि अनुमान से बारूद भरा जाता है। मानक के विपरीत होने के कारण कभी पटाखा तेज आवाज में फटता है, तो कभी फुस्स हो जाता है। इसी कारण कई बार लोग हादसे का शिकार हो जाते है।
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पटाखों का स्टॉक रखने वालों को किया जा रहा चिह्नित
बागपत। एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने बताया कि अवैध रूप से पटाखें बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिन लोगों ने पटाखों का स्टॉक लगा रखा है, उन्हे चिन्हित किया जा रहा है। सभी थानाध्यक्षों एवं क्षेत्राधिकारियों को सख्त आदेश दिए गए है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई दुर्घटना होती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।