फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Asha and ANM will find Ayushmann's characters

आयुष्मान के पात्रों को ढूंढेगी आशा और एएनएम

Sun, 06 Oct 2019 01:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Oct 2019 01:30 AM IST
विज्ञापन
Asha and ANM will find Ayushmann's characters
आयुष्मान के पात्रों को ढूंढेगी आशा और एएनएम
विज्ञापन

बागपत। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना में गोल्डन कार्ड बनवाने नहीं आ रहे परिवारों को अब घर जाकर जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने आशा और एएनएम को जिम्मेदारी दी है कि वह चयनित परिवारों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित करें। उन्हें बताएं कि यह कार्ड कैसे बनेंगा। नवंबर माह तक लक्ष्य पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग जिलेभर में अभियान चलाएगा।
जिला क्रियान्वयन प्रकोष्ठ के आईटी प्रबंधक अभिषेक राणा, जिला समन्वयक डॉ कपिल सरोहा और शिकायत प्रकोष्ठ के प्रभारी यतिन चौहान ने बताया कि समय सीमा तय हो जाने के बाद अब जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम और आशाओं को जिम्मेदारी दी है कि उनके क्षेत्र में जो चयनित परिवार कार्ड बनवाने नहीं आ रहे हैं। उन्हें जागरूक करें। संबंधित अस्पताल तक लाएं और उन्हें कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को समझाया जाए। किसी तरह की परेशानी होने पर स्वास्थ्य विभाग केा जानकारी दें। जिले में अभी भी करीब दस हजार परिवार ऐसे हैं, जिनके घर गोल्डन कार्ड नहीं पहुंच सका है।
विज्ञापन

इस तरह बनवाएं कार्ड
आयुष्मान योजना के लिए चयन होने के बाद संबंधित व्यक्ति के घर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो वाला कार्ड पहुंचा है। अधिकतर लोग इसे ही गोल्डन कार्ड समझ लेते हैं, जबकि यह कार्ड सिर्फ सूचना देने के लिए ही है। घर पहुंचे कार्ड के अलावा आधार कार्ड और राशन कार्ड लेकर चयनित किए गए अस्पतालों और जनवाणी केंद्रों पर गोल्डन कार्ड बनवाया जा सकता है। समस्या की स्थिति में अनुबंधित अस्पतालों में आरोग्य मित्र नियुक्ति हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल में जिला क्रियान्वयन प्रकोष्ठ के अधिकारी बैठते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस-1 : बागपत के सुधीर कुमार का कहना है कि सर्वे दोबारा होना चाहिए। जो लोग रह गए हैं, उनके कार्ड बनने चाहिए।
केस-2 : बागपत के शादाब का कहना है कि जिन बीमारियों का इलाज जिले में नहीं मिल रहा है, उनकी सुविधा होनी चाहिए।
केस-3 : बड़ौत के गौरव जैन का कहना है कि चयनित परिवारों की सूची को प्रत्येक सेंटर पर चस्पा किया जाना चाहिए।
केस-4 : खेकड़ा के कपिल का कहना है कि जो लोग छूट गए हैं। उन्हें जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed