Ayodhya ram mandir: राम मंदिर के लिए उमा भारती के पहुंचते ही लोगों में भर गया था जोश
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जन-जागरण रैली के जरिए बड़ौत में उत्साह का नया संचार हुआ था। राम मंदिर निर्माण के लिए पूरे देश में उठी लहर में दो वर्ष बाद 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा(बाबरी मजिस्द ) गिरा दिया गया।
तब बजरंग दल के संयोजक रहे विनोद कुमार जैन एडवोकेट ने बताया कि 21 मार्च 1992 को नगर में विशाल जन-जागरण रैली निकाली गयी थी। उस दौरान राम मंदिर आंदोलन चरम पर था। बताया कि राम मंदिर आंदोलन को सफल बनाने को लेकर बागपत को रैली निकालने का कार्यक्रम मिला था।
उस दौरान जनपद मेरठ था और चार तहसील मेरठ, सरधना, मवाना व बागपत थी। बागपत तहसील को यह कार्यक्रम दिया गया था। एक सप्ताह पूर्व ही कारसेवकों व विहिप सहित बजरंग दल के कार्यकर्ताओं मेें काफी जोश था, सभी जन-जागरण अभियान को सफल बनाने के लिए गांव-गांव दस्तक देने लगे थे। उमा भारती ने खुली जीप मेेें नगर से रैली निकाली और लोगों में राम मंदिर के निर्माण को लेकर उत्साह भरा।
घंटी व थाली बजाकर लगाए जय श्रीराम के नारे
विनोद कुमार जैन एडवोकेट ने बताया कि रैली के दौरान लोगों मेें उत्साह रहा। जहां-जहां से रैली गुजरती, लोग घंटी व थाली बजाकर और नारे लगाकर इसका स्वागत किया था।
जन जागरण रैली में इन्होंने दिया था सहयेाग
तब जन जागरण रैली में बड़ौत के धर्मपाल सिंह चौहान, गुरूदत्त मल, रामकुमार गुप्ता, राम प्यारे पांडे, प्रहलाद चौधरी, प्रवीण, वकीलचन्द जैन, मुराली लाल गुप्ता, कश्मीरी लाल जैन, अभय कुमार, ब्रिजेश कुमार जैन, जिनेन्द्र जैन शामिल रहे।