{"_id":"632df9f87dd4326e8c7f09ae","slug":"as-soon-as-the-bow-of-shiva-broke-the-pandal-resonated-with-the-cheers-of-shri-ram-baghpat-news-mrt606583477","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिव धनुष टूटते ही श्रीराम के जयकारों से गूंजा पंडाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिव धनुष टूटते ही श्रीराम के जयकारों से गूंजा पंडाल
विज्ञापन
अमीनगर सराय में रामलीला का मंचन करते कलाकार
- फोटो : BAGHPAT
शिव धनुष टूटते ही श्रीराम के जयकारों से गूंजा पंडाल
बागपत, अमीनगर सराय। कस्बे में श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव में भगवान राम के शिव धनुष तोड़ते ही पूरा पंडाल भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। भगवान राम पर फूलों की वर्षा की गई और माता सीता ने भगवान श्रीराम के गले में वरमाला डाली।
रामलीला मंचन में भगवान श्रीराम व लक्ष्मण विश्वामित्र के साथ सीता के स्वयंवर में जनकपुरी पहुंचते हैं। जहां राजा जनक शिव धनुष को तोड़ने वाले के साथ सीता का विवाह करने की घोषणा करते हैं। स्वयंवर में आए राजा और राजकुमार शिव धनुष को तोड़ने का प्रयास करते हैं, मगर उसे हिला भी नहीं पाते। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पर भगवान श्रीराम शिव धनुष को तोड़ देते है। धनुष के टूटते ही चारों ओर भगवान श्रीराम के जयकारे लगते हैं। धनुष टूटने पर भगवान परशुराम वहां पहुंचते हैं, जहां उनका श्रीराम और लक्ष्मण के साथ संवाद होता है। माता सीता भगवान श्रीराम के लगे में वरमाला डालती हैं।
रामलीला में कस्बे के हरिदत्त दशरथ और उनके पुत्र वरुण शर्मा श्री राम का पाठ कर रहे हैं। इस मौके पर यज्ञदत्त शर्मा, नवीन गुप्ता, हरिशंकर प्रजापति, जयपाल प्रजापति मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत, अमीनगर सराय। कस्बे में श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव में भगवान राम के शिव धनुष तोड़ते ही पूरा पंडाल भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। भगवान राम पर फूलों की वर्षा की गई और माता सीता ने भगवान श्रीराम के गले में वरमाला डाली।
रामलीला मंचन में भगवान श्रीराम व लक्ष्मण विश्वामित्र के साथ सीता के स्वयंवर में जनकपुरी पहुंचते हैं। जहां राजा जनक शिव धनुष को तोड़ने वाले के साथ सीता का विवाह करने की घोषणा करते हैं। स्वयंवर में आए राजा और राजकुमार शिव धनुष को तोड़ने का प्रयास करते हैं, मगर उसे हिला भी नहीं पाते। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पर भगवान श्रीराम शिव धनुष को तोड़ देते है। धनुष के टूटते ही चारों ओर भगवान श्रीराम के जयकारे लगते हैं। धनुष टूटने पर भगवान परशुराम वहां पहुंचते हैं, जहां उनका श्रीराम और लक्ष्मण के साथ संवाद होता है। माता सीता भगवान श्रीराम के लगे में वरमाला डालती हैं।
विज्ञापन
रामलीला में कस्बे के हरिदत्त दशरथ और उनके पुत्र वरुण शर्मा श्री राम का पाठ कर रहे हैं। इस मौके पर यज्ञदत्त शर्मा, नवीन गुप्ता, हरिशंकर प्रजापति, जयपाल प्रजापति मौजूद रहे।
विज्ञापन