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स्वैच्छिक होते ही एक तिहाई रह गया फसल बीमा
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2019-20 में 2167 और 2020-21 में 771 किसानों ने लिया फसल बीमा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को स्वैच्छिक कर दिया गया है। इस बार जिले में एक अप्रैल से अब तक सिर्फ 771 लोगों ने ही फसल बीमा के लिए आवेदन किया है, जबकि वर्ष 2019-20 में जिले के 2167 किसानों की फसल का बीमा किया गया था। फसल बीमा योजना स्वैच्छिक होने पर किसानों ने फसल का बीमा कराने में रुचि नहीं दिखाई है।
सरकार ने किसानों की फसल की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की थी। योजना के अंतर्गत पूर्व में किसान के खाते से स्वत: ही फसल बीमा की किस्त काट ली जाती थी। इस वर्ष सरकार ने योजना को स्वैच्छिक कर दिया था और फसल बीमा न लेने वाले किसानों को बैंक में लिखित में सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। वित्त वर्ष 2020-21 में जिले में 771 किसानों ने फसल का बीमा कराया है, जबकि वित्त वर्ष 2019-20 में जिले में 2167 किसानों के बीमे किए गए थे। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि गत वर्ष जिले के 2167 किसानों की फसलों का बीमा किया गया था। फसल बीमा स्वैच्छिक होने पर जिले के 771 किसानों ने ही अपनी फसल का बीमा कराया है।
जिले में 52 में से 26 वाद मिले सही
बागपत। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले के 52 किसानों ने बीमा योजना का लाभ लेने के लिए दावे किए थे। जांच के दौरान 26 दावे सही पाए गए थे। बीमा कंपनी ने जिले के 26 किसानों को उनकी फसल के नुकसान के मुआवजे का भुगतान किया था।
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अलग-अलग फसल के लिए अलग-अलग है प्रीमियम
बागपत। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रत्येक फसल के लिए बीमा प्रीमियम अलग-अलग निर्धारित है। गेहूं की फसल के एक हजार रुपये, सरसों के लिए 764 रुपये, धान की फसल के लिए 1600 रुपये व आम की फसल के लिए 3500 रुपये प्रति हेक्टेअर के हिसाब से प्रीमियम निर्धारित है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को स्वैच्छिक कर दिया गया है। इस बार जिले में एक अप्रैल से अब तक सिर्फ 771 लोगों ने ही फसल बीमा के लिए आवेदन किया है, जबकि वर्ष 2019-20 में जिले के 2167 किसानों की फसल का बीमा किया गया था। फसल बीमा योजना स्वैच्छिक होने पर किसानों ने फसल का बीमा कराने में रुचि नहीं दिखाई है।
सरकार ने किसानों की फसल की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की थी। योजना के अंतर्गत पूर्व में किसान के खाते से स्वत: ही फसल बीमा की किस्त काट ली जाती थी। इस वर्ष सरकार ने योजना को स्वैच्छिक कर दिया था और फसल बीमा न लेने वाले किसानों को बैंक में लिखित में सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। वित्त वर्ष 2020-21 में जिले में 771 किसानों ने फसल का बीमा कराया है, जबकि वित्त वर्ष 2019-20 में जिले में 2167 किसानों के बीमे किए गए थे। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि गत वर्ष जिले के 2167 किसानों की फसलों का बीमा किया गया था। फसल बीमा स्वैच्छिक होने पर जिले के 771 किसानों ने ही अपनी फसल का बीमा कराया है।
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जिले में 52 में से 26 वाद मिले सही
बागपत। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले के 52 किसानों ने बीमा योजना का लाभ लेने के लिए दावे किए थे। जांच के दौरान 26 दावे सही पाए गए थे। बीमा कंपनी ने जिले के 26 किसानों को उनकी फसल के नुकसान के मुआवजे का भुगतान किया था।
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अलग-अलग फसल के लिए अलग-अलग है प्रीमियम
बागपत। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रत्येक फसल के लिए बीमा प्रीमियम अलग-अलग निर्धारित है। गेहूं की फसल के एक हजार रुपये, सरसों के लिए 764 रुपये, धान की फसल के लिए 1600 रुपये व आम की फसल के लिए 3500 रुपये प्रति हेक्टेअर के हिसाब से प्रीमियम निर्धारित है।